दिल्ली में भाजपा सरकार के गठन के बाद बिजली को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी वादे के तहत 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसके उलट, सरकार की ओर से बिजली महंगी होने के संकेत दिए जा रहे हैं, जिससे जनता में चिंता बढ़ रही है।
दिल्ली में महंगी होगी बिजली?
दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने बताया कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में डीईआरसी (दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग) के जरिए बिजली वितरण कंपनियों पर ₹27,000 करोड़ का कर्ज लंबित रह गया था। अब भाजपा सरकार इसे चुकाने के लिए जनता से वसूली करने की योजना बना रही है, जिससे बिजली बिलों में बढ़ोतरी संभव है।
दिल्ली में बिजली वितरण कौन-कौन करता है?
दिल्ली में बिजली आपूर्ति का काम चार कंपनियों के पास है:
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बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) – दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली
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बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) – पूर्वी और मध्य दिल्ली
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टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) – उत्तरी और बाहरी दिल्ली
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नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) – एनडीएमसी क्षेत्र (पॉश इलाकों)
बिजली की मौजूदा दरें
पिछले साल जुलाई 2024 में दिल्ली में बिजली की कीमतें बढ़ाई गई थीं। नए टैरिफ के मुताबिक:
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BRPL उपभोक्ताओं के लिए:
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0-200 यूनिट: ₹4.07 प्रति यूनिट
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201-400 यूनिट: ₹6.11 प्रति यूनिट
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1200 यूनिट से अधिक: ₹10.47 प्रति यूनिट
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BYPL उपभोक्ताओं के लिए:
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0-200 यूनिट: ₹4.12 प्रति यूनिट
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201-400 यूनिट: ₹6.18 प्रति यूनिट
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1200 यूनिट से अधिक: ₹11 प्रति यूनिट
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TPDDL और NDMC के लिए भी इसी तरह की दरें लागू हैं।
300 यूनिट मुफ्त बिजली कब मिलेगी?
भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, जबकि आम आदमी पार्टी सरकार के समय 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिल रही थी। अब भाजपा सरकार बने एक महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।
जनता की बढ़ती टेंशन
दिल्ली के लोग पहले ही महंगे बिजली बिल से जूझ रहे हैं। ऐसे में, 300 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा न होना और बिजली दरों के बढ़ने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, दिल्ली सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि जनता को सस्ती बिजली देने के लिए वह प्रतिबद्ध है।
आगे देखना होगा कि भाजपा सरकार अपने वादे पूरे करती है या दिल्ली की जनता को महंगे बिजली बिलों का बोझ उठाना पड़ेगा।
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