Birthday Special भारत का वो योद्धा क्रिकेटर, जिसने वर्ल्ड वॉर -2 में भी संभाला था मोर्चा
क्रिकेट न्यूज़ डेस्क। हम भारत के उस लोहे के जिगर वाले क्रिकेटर की बात कर रहे हैं, जिसने दूसरे विश्व युद्ध में जंग भी लड़ी।बता दें कि आज भारतीय क्रिकेटर हेमू अधिकारी की जयंती है।उनका जन्म 31 जुलाई 1919 को पुणे में हुआ था, वहीं उनकी मृत्यु 25 अक्टूबर 2003 को मुंबई में हुई।मैदान पर बल्ला भाजने वाले हेमू अधिकारी बड़े बंदूकबाज थे। वह लंबे समय तक खेल के साथ-साथ इंडियन आर्मी को सेवा भी देते रहे। उनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट का आगाज देर से हुआ। अतंर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने से पहले वर्ल्ड वॉर -2 छिड़ गया।वह भारतीय आर्मी में अपनी जिम्मेदारियां से बंधे थे।
यही वजह है कि 1945 तक चले इस युद्ध के बाद 28 वर्ष की उम्र में उ्न्होंने पहला टेस्ट खेला। हेमू अधिकारी ने नवंबर -दिसंबर 1947 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ब्रिस्बेन में टेस्ट डेब्यू किया था।वह टीम में उन खिलाड़ियों में से थे, जो तेज गेंदबाजों का डटकर सामना करते थे।लेफ्टिनेंट कर्नल हेमू अधिकारी को 1956 के बाद राष्ट्रीय टीम में एकदम से भुला दिया गया, लेकिन 1959 में वेस्टइंडीज की टीम के खिलाफ घरेलू सीरीज में पहले चार टेस्ट में तीन में भारत बुरी तरह से हार गया ।इन टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी पॉली उम्रीगर, गुलाम अहमद और वीनू मांकड़ ने की थी।
भारतीय प्रदर्शन की लोकसभा तक में आलोचना होने पर हेमू अधिकारी को पांचवें टेस्ट में टीम की कमान सौंपी गई थी,लेकिन धर्मशाला में ड्यूटी पर होने की वजह से हेमू अधिकारी ने कप्तान बनने से इनकार करते हुए कहा कि, हमारे लिए व्यक्तिगत सम्मान से ज्यादा पहले देश है।हालांकि अफसरों के आदेश देने के बाद उन्होंने कप्तानी संभाली।
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इसके अलावा उनके करियर में कई ऐसी घटनाएं रही हैं, जो चर्चा में रहीं।हेमू अधिकारी के क्रिकेटर करियर की बात करें तो उन्होंने कुल 21 टेस्ट मैच खेलकर 872 रन बनाए, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ 1949-49 में दिल्ली में बनाया गया शानदार शतक शामिल है।इसके अलावा वह 1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में पहली बार इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर थे।अधिकारी ने प्रथम श्रेणी मैचों में कुल 42 की औत से 18 शतक की मदद से 8628 रन बनाए।उनका सर्वाच्चा स्कोर 230 रन था जो उन्होंने राजस्थान के खिलाफ बनाया था।