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विनायक राउत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका, 23 जुलाई को होगी सुनवाई

विनायक राउत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका, 23 जुलाई को होगी सुनवाई

महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। शिवसेना (UBT) नेता विनायक राउत और उनके परिवार ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए ठाणे सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। इस मामले में अदालत 23 जुलाई 2026 को सुनवाई करेगी।

जानकारी के मुताबिक, विनायक राउत और उनके परिवार पर लगे आरोपों के बाद उन्होंने कानूनी राहत के लिए अदालत का रुख किया है। अग्रिम जमानत याचिका में गिरफ्तारी की स्थिति में राहत देने की मांग की गई है। अब सभी की नजरें 23 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करेगी।

वहीं, विनायक राउत ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने आरोपों को झूठा बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। राउत का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वह कानून और न्याय व्यवस्था में पूरा विश्वास रखते हैं और जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। राउत ने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

मामले को लेकर पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी सभी की नजर बनी हुई है। यदि अदालत अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुनाती है, तो इससे आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय होगी।

शिवसेना (UBT) नेताओं ने भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी है और इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

वहीं, दूसरी ओर मामले से जुड़े पक्षों का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे तथ्य सामने आएंगे। फिलहाल अदालत में होने वाली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि विनायक राउत और उनके परिवार को गिरफ्तारी से राहत मिलती है या नहीं।

23 जुलाई 2026 को ठाणे सत्र न्यायालय में होने वाली सुनवाई इस मामले में अहम मानी जा रही है। अदालत के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ हो सकेगी।

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