नासिक में आवारा कुत्तों से परेशान लोगों का अनोखा विरोध, अधिकारी के ऑफिस में छोड़े कुत्ते; कुर्सी पर पहनाई नोटों की माला
महाराष्ट्र के नासिक से विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से परेशान स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। लोगों ने कुछ आवारा कुत्तों को पकड़कर सरकारी अधिकारी के कार्यालय में पहुंचा दिया। इतना ही नहीं, विरोध जताते हुए अधिकारी की कुर्सी को नोटों की माला भी पहनाई गई।
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोग इलाके में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या से परेशान थे। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह तरीका अपनाया।
अधिकारी के ऑफिस में छोड़ दिए कुत्ते
वायरल वीडियो में कुछ लोग सरकारी कार्यालय के अंदर दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ आवारा कुत्ते भी नजर आ रहे हैं। लोगों ने कथित तौर पर इन्हें अधिकारी के कार्यालय में छोड़ दिया और प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी।
विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि जब सड़क और गलियों में आवारा कुत्तों की समस्या से उन्हें परेशानी हो रही है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को भी इस समस्या की गंभीरता का एहसास होना चाहिए।
कुर्सी पर पहनाई नोटों की माला
विरोध का दूसरा हिस्सा भी चर्चा में है। स्थानीय लोगों ने अधिकारी की कुर्सी पर नोटों की माला पहनाई। इसके जरिए उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली और समस्या के समाधान में कथित देरी पर नाराजगी जताई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में लोगों का विरोध और कार्यालय में मौजूद कुत्ते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
आवारा कुत्तों की समस्या पर उठे सवाल
आवारा कुत्तों को लेकर देश के कई शहरों में नागरिकों की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों की मुख्य चिंता कुत्तों के झुंड, काटने की घटनाओं और सड़कों पर उनकी मौजूदगी को लेकर रहती है। वहीं, प्रशासन के सामने पशु कल्याण और नागरिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी रहती है।
नासिक की इस घटना में स्थानीय लोगों ने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए जिस तरीके से विरोध किया, वह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है।

