महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है। Uddhav Thackeray ने मुंबई में शिवसैनिकों से मुलाकात के दौरान शिवसेना में हुए कथित “विश्वासघात” को लेकर माफी मांगी।
बीजेपी पर गंभीर आरोप
उद्धव ठाकरे ने Bharatiya Janata Party पर सीधे तौर पर शिवसेना को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की गई, जबकि कांग्रेस ने कभी ऐसा कदम नहीं उठाया।
कार्यकर्ताओं को बताया “प्रज्वलित मशालें”
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने शिवसैनिकों को “प्रज्वलित मशालें” कहा और संगठन के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिवसेना की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं।
नेतृत्व को लेकर सख्त रुख
उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि शिवसेना का नेतृत्व केवल बालासाहेब ठाकरे की विरासत से जुड़ा है और इसे कोई “बाहरी व्यक्ति” तय नहीं कर सकता।
राजनीतिक संकेत
इस बयान को महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक खींचतान के बीच एक बड़ा संदेश माना जा रहा है, जिससे सत्ताधारी और विपक्षी खेमों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

