शिवसेना (यूबीटी) में चल रही अंदरूनी टूट और राजनीतिक हलचल के बीच उद्धव ठाकरे ने अब संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी में बागी सांसदों के जाने के बाद पैदा हुई स्थिति को संभालने के लिए नेतृत्व सक्रिय हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, उद्धव ठाकरे 27 से 29 जून तक उन लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जहां से बागी सांसद चुने गए हैं। इस दौरान वे स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं से सीधे संवाद करेंगे और जमीनी स्तर पर संगठन को फिर से मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस दौरे का उद्देश्य न सिर्फ कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना है, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को फिर से सक्रिय करना भी है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में पार्टी में बगावत और नेताओं के अलग रुख अपनाने से शिवसेना (यूबीटी) को राजनीतिक झटका लगा है। ऐसे में यह दौरा आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

