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उद्धव ठाकरे का PM मोदी से CJI की मुलाकात पर सवाल, बोले- न्यायपालिका पर भरोसा, लेकिन मंशा पर संदेह

उद्धव ठाकरे का PM मोदी से CJI की मुलाकात पर सवाल, बोले- न्यायपालिका पर भरोसा, लेकिन मंशा पर संदेह

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की मुलाकात को लेकर सवाल उठाए हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका और मुख्य न्यायाधीश पर पूरा भरोसा है, लेकिन प्रधानमंत्री और CJI की मुलाकात के पीछे की मंशा को लेकर उनके मन में संदेह है।

उद्धव ठाकरे ने आशंका जताई कि कहीं यह मुलाकात सुप्रीम कोर्ट पर किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश तो नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका की स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण है और किसी भी तरह का दबाव न्यायिक व्यवस्था की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है।

ठाकरे ने कहा कि वह न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और संविधान में उसकी भूमिका का सम्मान करते हैं। उनका भरोसा सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश पर बना हुआ है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में प्रधानमंत्री और CJI की मुलाकात को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच होने वाली मुलाकातों को लेकर पारदर्शिता रहनी चाहिए, ताकि किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश न रहे।

उद्धव ठाकरे के बयान के बाद इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं। विपक्षी दलों की ओर से पहले भी केंद्र सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के बीच संबंधों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में ठाकरे का यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की मुलाकात को लेकर ठाकरे ने सीधे तौर पर किसी निष्कर्ष का दावा नहीं किया। उन्होंने केवल अपनी आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें मुलाकात के पीछे की मंशा पर संदेह है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका न्यायपालिका और CJI पर विश्वास कायम है।

उद्धव ठाकरे के इस बयान ने एक बार फिर न्यायपालिका की स्वतंत्रता, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और सरकार तथा न्यायपालिका के बीच संबंधों को लेकर राजनीतिक चर्चा को सामने ला दिया है।

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