अनिल अंबानी को बड़ा झटका, एक्सक्लुसीव फुटेज में देखें बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत का आदेश रद्द किया; बैंक अब फ्रॉड घोषित कर सकेंगे
रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सोमवार को वह अंतरिम राहत आदेश रद्द कर दिया, जिसके तहत बैंकों को उन्हें फ्रॉड घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था। अब इस फैसले के बाद बैंक कानून के अनुसार अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों के खिलाफ फ्रॉड घोषित करने की कार्रवाई आगे बढ़ा सकेंगे।
दरअसल, यह मामला करीब 40 हजार करोड़ रुपए के कथित बैंक फ्रॉड से जुड़ा है। दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अनिल अंबानी को अंतरिम राहत देते हुए बैंकों को फ्रॉड घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। हालांकि, इस आदेश को चुनौती देते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और IDBI बैंक ने जनवरी 2026 में डिवीजन बेंच में अपील दाखिल की थी।
बैंकों ने अदालत में दलील दी थी कि वे फॉरेंसिक ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करना चाहते हैं और उन्हें नियमानुसार फ्रॉड घोषित करने की प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दी जानी चाहिए। बैंकों का कहना था कि सिंगल बेंच के आदेश के कारण वैधानिक कार्रवाई बाधित हो रही है।
अब डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के स्टे ऑर्डर को रद्द करते हुए बैंकों को आगे की कार्रवाई के लिए हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के बाद बैंक भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों के खिलाफ फ्रॉड घोषित करने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
इस बीच, पिछले सप्ताह अनिल अंबानी ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कोर्ट में कहा था कि वह देश छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और बिना अदालत की अनुमति के विदेश यात्रा नहीं करेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि रिलायंस ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट का यह फैसला अनिल अंबानी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। यदि बैंक उन्हें आधिकारिक रूप से फ्रॉड घोषित करते हैं, तो इससे उनकी कारोबारी साख और भविष्य की वित्तीय गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बैंक अब आगे क्या कदम उठाते हैं और इस हाई-प्रोफाइल बैंक फ्रॉड मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।

