महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर सस्पेंस बरकरार, उद्धव गुट के दावे से बढ़ी राजनीतिक हलचल
महाराष्ट्र की राजनीति में कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। इस बीच Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले शिवसेना (यूबीटी) गुट ने बड़ा दावा किया है कि बागी बताए जा रहे छह सांसदों में से दो ने अलग धड़े के समर्थन वाले पत्र पर हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं। इस दावे के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर नया सस्पेंस खड़ा हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद Eknath Shinde के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के संपर्क में हैं। इसी संभावित राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा हो रही है।
हालांकि उद्धव गुट का कहना है कि जिन छह सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चा हो रही है, उनमें से दो सांसदों ने किसी भी प्रकार के अलग धड़े से जुड़े पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। पार्टी का दावा है कि कुछ खबरें और अटकलें जानबूझकर फैलाकर राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि सांसदों का कोई समूह वास्तव में अलग रुख अपनाता है, तो इसका असर राज्य की राजनीति के साथ-साथ संसद में भी देखने को मिल सकता है। हालांकि अभी तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से गुट बदलने की पुष्टि नहीं की है।
उधर, शिंदे गुट की ओर से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्ष अपने-अपने स्तर पर शक्ति प्रदर्शन और रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन के बाद से ही दोनों गुटों के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई जारी है। ऐसे में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सामने आ रहे दावे और प्रतिदावे राज्य की राजनीति को और गर्मा रहे हैं।
फिलहाल, छह सांसदों को लेकर जारी अटकलों और उद्धव गुट के नए दावे ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है। अब सभी की नजर संबंधित सांसदों के अगले कदम और दोनों गुटों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी हुई है।

