महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट से नाम न हटाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसा कोई आदेश पारित नहीं करेंगे
महाराष्ट्र की मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से महत्वपूर्ण मांग रखी गई। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया कि जब तक मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट से किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाए।
याचिकाकर्ता की इस मांग पर मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अदालत ऐसा कोई आदेश पारित नहीं करेगी।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट के सामने रखी मांग
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई। उनका कहना था कि मामले पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जानी चाहिए।
याचिकाकर्ता ने मांग की कि सुनवाई लंबित रहने के दौरान महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में शामिल किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाए। इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटा दिया जाता है तो उसके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
CJI ने अंतरिम आदेश देने से इनकार किया
याचिकाकर्ता की मांग पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस तरह का कोई आदेश पारित नहीं करेगा। यानी अदालत ने फिलहाल महाराष्ट्र की मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर व्यापक रोक लगाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि याचिकाकर्ता की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत इस स्तर पर स्वीकार नहीं की गई है।
वोटर लिस्ट को लेकर जारी बहस
महाराष्ट्र की मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर बहस जारी है। मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज होना उसके मतदान के अधिकार से सीधे जुड़ा विषय है। ऐसे में सूची में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और नियमों के पालन की मांग उठती रही है।
वहीं, चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं में मतदाता सूची को अपडेट करना भी नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में किसी नाम को हटाने या बनाए रखने का फैसला निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में आगे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी चर्चा हो सकती है। फिलहाल मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट से किसी भी नाम को हटाने पर रोक लगाने की मांग पर कोई व्यापक अंतरिम आदेश नहीं दिया गया है।

