पुणे बिल्डिंग हादसा: 45 घंटे बाद भी रेस्क्यू जारी, 9 लोगों को बचाया गया; एक की मौत
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के पास तीन मंजिला इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के करीब 45 घंटे बाद भी एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश और राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
प्रशासन के मुताबिक, अब तक 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। बचाव अभियान में कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं और मलबे को बेहद सावधानी से हटाया जा रहा है।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी टीमें
इमारत गिरने की सूचना मिलते ही मौके पर एनडीआरएफ, सेना, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें पहुंच गई थीं। रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे की जांच कर रही है, ताकि यदि कोई और व्यक्ति दबा हुआ हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, मलबा काफी भारी और अस्थिर है, जिसके कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। टीमों को हर कदम बेहद सावधानी से उठाना पड़ रहा है, ताकि राहत अभियान के दौरान कोई अतिरिक्त खतरा पैदा न हो।
संयुक्त अभियान चला रहीं कई एजेंसियां
हादसे के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया है। एनडीआरएफ के प्रशिक्षित जवान, सेना के कर्मी और स्थानीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ मौके पर मौजूद हैं।
रेस्क्यू टीम लगातार प्रभावित क्षेत्र की निगरानी कर रही है। साथ ही आसपास के इलाकों को भी सुरक्षित रखा गया है, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
इमारत गिरने के कारणों की होगी जांच
फिलहाल इमारत गिरने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन का कहना है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इमारत के ढहने के पीछे निर्माण संबंधी खामी, रखरखाव में लापरवाही या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।
इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और पुराने भवनों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाना है।
पिंपरी-चिंचवड़ में जारी यह रेस्क्यू ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी संभावित स्थानों की जांच पूरी नहीं हो जाती। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

