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बुलढाणा में 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' की भुगतान रुकी, महिलाओं में आक्रोश

बुलढाणा में 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' की भुगतान रुकी, महिलाओं में आक्रोश

महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' (Ladki Bahin Yojana) के तहत बुलढाणा जिले में लगभग 30,000 महिलाओं को पिछले दो महीनों से मासिक 1,500 रुपये की किस्त नहीं मिली है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके परिवारों में सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

योजना के तहत, लाभार्थी महिलाओं को नियमित मासिक किस्त दी जाती थी, जिससे वे अपने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू खर्चों में मदद ले सकती थीं। लेकिन हाल ही में किस्तें रुकने से ग्रामीण इलाकों की महिलाओं में चिंता और असंतोष की लहर दौड़ गई है। कई महिलाओं में यह डर भी पैदा हो गया है कि योजना हमेशा के लिए बंद हो सकती है।

स्थानीय महिलाओं का कहना है कि यह राशि उनके परिवार के लिए जीवन-यापन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। “हमें इस योजना पर भरोसा था, लेकिन दो महीने से भुगतान न होने से परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है,” एक लाभार्थी ने कहा। कई महिलाओं ने अफवाहों और सूचना की कमी के कारण भयभीत होकर जिला महिला और बाल कल्याण कार्यालय का रुख किया और अधिकारियों से तत्काल जांच और समाधान की मांग की।

महिला और बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किस्त रुकने का कारण तकनीकी और प्रशासनिक जटिलताएं हैं। अधिकारियों के अनुसार, योजना पूरी तरह बंद नहीं की गई है और भुगतान जल्द ही बहाल किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से धैर्य रखने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि उनका हक सुरक्षित है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की योजनाओं में समय पर भुगतान न होने से लाभार्थियों में निराशा बढ़ती है और उनका विश्वास सरकारी योजनाओं पर कमजोर पड़ सकता है। इसके अलावा, अफवाहें तेजी से फैलती हैं और ग्रामीण इलाकों में गलत जानकारी का माहौल बन जाता है। इसलिए प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता और नियमित अपडेट बेहद जरूरी हैं।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार को ग्रामीण महिलाओं को नियमित रूप से भुगतान और योजना की स्थिति की जानकारी देना चाहिए। इससे महिलाओं में डर और गुस्सा कम होगा और वे योजना का सही लाभ उठा पाएंगी।

इस योजना के लाभार्थी अधिकांश ग्रामीण महिलाएं हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं। उनके लिए यह योजना केवल धनराशि का स्रोत नहीं है, बल्कि सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम भी है। यदि भुगतान में और देरी हुई, तो इससे महिलाओं की जीवन-यापन क्षमता प्रभावित हो सकती है और ग्रामीण इलाकों में असंतोष फैल सकता है।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगले कुछ हफ्तों में सभी बकाया किस्तें महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच जाएंगी। साथ ही, प्रशासन ग्रामीण इलाकों में भ्रम दूर करने और महिलाओं को योजना की सटीक जानकारी देने के लिए अभियान भी शुरू करने वाला है।

बुलढाणा जिले में 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के भुगतान में आई यह रुकावट ग्रामीण महिलाओं के लिए अस्थायी संकट का कारण बनी है। प्रशासन और अधिकारियों के सतर्क प्रयासों के बाद ही महिलाओं की चिंता और गुस्सा शांत हो पाएगा।

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