हरदा में त्योहारों से पहले प्याज-शक्कर के दामों में उछाल: प्याज 50 और शक्कर 70 रुपए किलो तक पहुंची, बिगड़ा रसोई का बजट
हरदा में त्योहारों से पहले महंगाई का असर आम लोगों की रसोई पर दिखाई देने लगा है। प्याज और शक्कर के दामों में अचानक तेजी आने से गृहणियों का बजट बिगड़ गया है। बाजार में प्याज के भाव बढ़कर करीब 50 रुपए किलो, जबकि शक्कर के दाम 70 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। त्योहारों के सीजन में इन जरूरी खाद्य वस्तुओं के महंगे होने से परिवारों का घरेलू खर्च बढ़ गया है।
रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के चलते बाजार में खरीदारी बढ़ने लगी है। मिठाई और घर में बनने वाले पकवानों के लिए शक्कर की मांग बढ़ने से इसके दाम में तेजी देखी जा रही है। वहीं प्याज के भाव में भी बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
प्याज के दाम ने बढ़ाई परेशानी
हरदा के बाजार में प्याज की कीमत करीब 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। कुछ समय पहले तक कम कीमत पर उपलब्ध प्याज अब लोगों की रसोई का बजट प्रभावित कर रहा है।
त्योहारों के दौरान घरों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक पकवान बनाए जाते हैं। ऐसे में प्याज समेत अन्य सब्जियों की खरीदारी बढ़ जाती है। कीमत बढ़ने से परिवारों को अपने बजट में बदलाव करना पड़ रहा है।
शक्कर 70 रुपए किलो तक पहुंची
शक्कर के भाव में भी तेजी ने लोगों की चिंता बढ़ाई है। बाजार में शक्कर 70 रुपए किलो तक बिकने की जानकारी सामने आई है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और घरेलू पकवानों में शक्कर की खपत बढ़ने के कारण इसकी मांग अधिक रहती है।
मिठाई बनाने वाले दुकानदारों पर भी बढ़ती कीमतों का असर पड़ रहा है। शक्कर महंगी होने से मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की लागत बढ़ने की संभावना है।
त्योहारों से पहले बढ़ी मांग
व्यापारियों के मुताबिक त्योहारों से पहले कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। मांग और आपूर्ति में अंतर होने पर बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
प्याज और शक्कर के बढ़े हुए दामों ने फिलहाल उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ाई है। आने वाले दिनों में त्योहारों की खरीदारी और बढ़ने पर कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
रसोई का बजट बिगड़ा
आम परिवार पहले से ही रोजमर्रा की जरूरतों के बढ़ते खर्च से परेशान हैं। ऐसे में प्याज और शक्कर जैसी जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने से मासिक रसोई बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।
त्योहारों के मौसम में जहां लोग खुशी और उत्साह के साथ खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं, वहीं जरूरी सामान के बढ़े हुए दाम अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं। अब उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि बाजार में आपूर्ति सामान्य होने के बाद प्याज और शक्कर की कीमतों में राहत मिल सकती है।

