नीरव मोदी से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक यानी PNB फ्रॉड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने वांछित आरोपी संदीप मिस्त्री को UAE से भारत लाकर गिरफ्तार किया है। CBI के मुताबिक, मिस्त्री कथित फर्जी अंतरराष्ट्रीय व्यापार लेनदेन के जरिए बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में अलग-अलग कंपनियों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर काम करता था। उसे 29 सितंबर की रात करीब 11:55 बजे मुंबई लाया गया, जिसके बाद CBI अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इंटरपोल रेड नोटिस के बाद पकड़ा गया
CBI के अनुसार, संदीप मिस्त्री के खिलाफ जुलाई 2026 में इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद UAE अधिकारियों ने उसकी लोकेशन का पता लगाया और उसे गिरफ्तार किया। बाद में भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। CBI ने इस कार्रवाई में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय किया। एजेंसी के मुताबिक, रेड नोटिस जारी होने के करीब दो महीने के भीतर मिस्त्री को भारत लाया गया।
कंपनियों के बीच अहम कड़ी होने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, मिस्त्री नीरव मोदी से जुड़ी विभिन्न कंपनियों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर काम करता था। उस पर इन कंपनियों के रोजमर्रा के कामकाज की निगरानी करने और निर्देश देने का आरोप है। CBI का दावा है कि इसके लिए ऐसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था, जिनमें संदेश अपने आप डिलीट हो जाते थे।
CBI ने यह भी आरोप लगाया है कि मिस्त्री ने हीरे, सोने और मोती के आभूषणों के कथित फर्जी कारोबार को वास्तविक दिखाने के लिए फर्जी आयात-निर्यात दस्तावेज तैयार कराने में भूमिका निभाई। एजेंसी के अनुसार, UAE में मौजूद कथित डमी कंपनियों के बैंक खातों से रकम निकालने में भी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
डमी डायरेक्टरों पर दबाव बनाने का आरोप
CBI का आरोप है कि मिस्त्री ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर विदेशी कंपनियों के नाममात्र के डायरेक्टरों पर दबाव बनाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ लोगों को गिरफ्तारी की धमकी दी गई, उन्हें दूसरी जगह ले जाया गया और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। इसके बाद कथित तौर पर उनसे ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए, जिनमें उन्हें कंपनियों का वास्तविक मालिक बताया गया था।
कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा
भारत पहुंचने के बाद CBI ने संदीप मिस्त्री को मुंबई की सक्षम अदालत के सामने पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। CBI और ED की ओर से इस मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसी मिस्त्री की भूमिका, कथित फर्जी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन से जुड़े मामलों की आगे जांच करेगी।
CBI की ओर से लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत की न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है। PNB फ्रॉड मामले में नीरव मोदी और अन्य आरोपियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन तथा कंपनियों के नेटवर्क की जांच अलग-अलग स्तर पर जारी है।

