महाराष्ट्र में 362 टन से ज्यादा सूखे खजूर जब्त, UAE के नाम पर आया माल कराची पोर्ट से जुड़ा
महाराष्ट्र में राजस्व खुफिया निदेशालय यानी DRI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 362 टन से अधिक सूखे खजूर की खेप जब्त की है। जांच में सामने आया है कि दस्तावेजों में इस माल को संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE से आया हुआ बताया गया था, लेकिन जांच के दौरान खेप का संबंध पाकिस्तान के कराची पोर्ट से सामने आया। यह माल 13 कंटेनरों के जरिए भारत पहुंचा था।
DRI की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि खेप की वास्तविक उत्पत्ति क्या थी और दस्तावेजों में UAE का विवरण क्यों दर्ज किया गया। मामले में आयात से जुड़े दस्तावेजों और कारोबारी लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
13 कंटेनरों में पहुंची थी खेप
जानकारी के मुताबिक, सूखे खजूर की यह खेप 13 कंटेनरों में भारत लाई गई थी। कागजात में माल को UAE का बताया गया था। हालांकि, जांच के दौरान DRI को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे इस खेप का संबंध पाकिस्तान के कराची पोर्ट से जुड़ता हुआ सामने आया।
इसके बाद अधिकारियों ने खेप को जब्त कर लिया। कुल जब्त माल का वजन 362 टन से अधिक बताया जा रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में सूखे खजूर की खेप को लेकर अब आयात से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
दस्तावेजों की जांच में सामने आई जानकारी
DRI अधिकारियों की जांच का एक प्रमुख पहलू माल के वास्तविक स्रोत का पता लगाना है। एजेंसी यह जांच कर रही है कि कंटेनरों में लदा माल वास्तव में कहां से भेजा गया था और इसे भारत लाने के लिए किन कंपनियों या कारोबारियों का इस्तेमाल किया गया।
दस्तावेजों में UAE का उल्लेख होने के बावजूद कराची पोर्ट से संबंध सामने आने के बाद एजेंसी आयात प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसमें शिपिंग दस्तावेज, बिल ऑफ एंट्री, इनवॉयस और अन्य संबंधित कागजात शामिल हो सकते हैं।
आगे की जांच जारी
मामले में DRI अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दस्तावेजों में कथित तौर पर गलत जानकारी देने के पीछे क्या वजह थी। जांच में यदि किसी तरह की सीमा शुल्क या आयात संबंधी अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल 13 कंटेनरों में आई 362 टन से अधिक सूखे खजूर की खेप जब्त कर ली गई है। जांच एजेंसी माल के स्रोत, आयातकों और पूरे नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में कथित अनियमितता की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

