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Maharashtra Property Registration: महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के बदले नियम, अब आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

Maharashtra Property Registration: महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के बदले नियम, अब आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

महाराष्ट्र में जमीन, मकान और दूसरी अचल संपत्तियों की खरीद-बिक्री से जुड़े रजिस्ट्रेशन को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने 1 अक्टूबर 2026 से अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया है। नए नियम के तहत अब आधार के जरिए पहचान सत्यापन के बिना संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य फर्जी पहचान, नकली पक्षकारों और फर्जी गवाहों के जरिए होने वाले संपत्ति लेन-देन में धोखाधड़ी को रोकना है।

63 तरह के दस्तावेजों पर लागू होगा नियम

महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक, नया नियम अचल संपत्ति से जुड़े 63 तरह के दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन पर लागू होगा। इनमें जमीन या संपत्ति की खरीद-बिक्री, गिरवी रखने और बंटवारे से जुड़े दस्तावेज प्रमुख हैं। यानी इन लेन-देन में शामिल पक्षकारों की पहचान को आधार के जरिए सत्यापित करना जरूरी होगा। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के मुताबिक, इस व्यवस्था को आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित किया जा चुका है।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

सरकार का कहना है कि संपत्ति के रजिस्ट्रेशन में पहचान की सही पुष्टि बेहद महत्वपूर्ण है। कई मामलों में फर्जी पहचान या दूसरे व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल करके संपत्ति से जुड़े दस्तावेज तैयार किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था के जरिए रजिस्ट्रेशन के समय व्यक्ति की पहचान का अतिरिक्त सत्यापन किया जाएगा।

राजस्व विभाग के अनुसार, आधार आधारित सत्यापन से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम करने और फर्जी लेन-देन की गुंजाइश घटाने में मदद मिल सकती है। सरकार ने इसे संपत्ति से जुड़े लेन-देन को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।

आधार नहीं है तो क्या होगा?

नए नियमों में उन लोगों के लिए भी प्रावधान रखा गया है, जिनके पास अभी आधार नंबर नहीं है। ऐसे आवेदकों को आधार के लिए आवेदन किए जाने का प्रमाण देना होगा। इसके साथ अन्य सरकारी पहचान दस्तावेज और लेन-देन में संबंधित व्यक्ति के साथ संबंध स्थापित करने वाले दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित दस्तावेजों और पहचान की जानकारी का सत्यापन होने के बाद ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। यानी केवल पहचान पत्र दिखाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

बच्चों और पात्र लाभार्थियों के लिए अलग व्यवस्था

सरकार ने 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। नाबालिगों के मामले में माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति से आधार नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल आधार नंबर उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी बच्चे या पात्र लाभार्थी को दस्तावेज रजिस्ट्रेशन के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।

प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए क्या बदलेगा?

अब महाराष्ट्र में संपत्ति की खरीद-बिक्री या अन्य संबंधित दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन की तैयारी कर रहे लोगों को आधार आधारित पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। खास तौर पर खरीदार, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों को अपने पहचान दस्तावेज तैयार रखने होंगे।

सरकार का दावा है कि इस बदलाव से फर्जी पक्षकारों और नकली पहचान के जरिए होने वाले लेन-देन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था लागू होने के साथ महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पहचान सत्यापन की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

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