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IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच जारी, प्रोफेसर दूल्ला से 8 घंटे पूछताछ

IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच जारी, प्रोफेसर दूल्ला से 8 घंटे पूछताछ

IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। इसी सिलसिले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई। साहिल के परिवार ने प्रोफेसर पर जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।

साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे में दूसरे वर्ष के BTech छात्र थे। 18 सितंबर को वह हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे। इससे पहले परीक्षा के दौरान उनके मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर मामला सामने आया था। पुलिस इसी घटना के साथ-साथ छात्र की मौत से पहले की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।

परिवार ने लगाए जातिगत भेदभाव के आरोप

साहिल के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके बेटे को करीब तीन महीने तक जातिगत टिप्पणियों और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। शिकायत में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का नाम भी शामिल है। इसके बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। जांच एजेंसी ने परीक्षा में मौजूद छात्रों, शिक्षकों और अन्य अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए हैं। CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी IIT बॉम्बे जाकर मामले से जुड़े रिकॉर्ड और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

प्रोफेसर दूल्ला ने आरोपों से किया इनकार

पूछताछ के दौरान प्रोफेसर दूल्ला ने जातिगत टिप्पणी या अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने संस्थान की निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही काम किया। IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम की ओर से भी कहा गया है कि दूल्ला परीक्षा के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।

फिलहाल क्राइम ब्रांच दोनों पक्षों के बयानों, CCTV फुटेज, मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जांच रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि साहिल की मौत से पहले वास्तव में क्या परिस्थितियां बनी थीं और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं।

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