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अहिल्यानगर में 'पैसों की बारिश' का झांसा, 93 लाख के नकली नोट बरामद; तीन गिरफ्तार

अहिल्यानगर में 'पैसों की बारिश' का झांसा, 93 लाख के नकली नोट बरामद; तीन गिरफ्तार

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो कथित तौर पर लोगों को पैसे दोगुने करने और ‘पैसों की बारिश’ कराने का झांसा देकर ठगी करता था। स्थानीय अपराध शाखा यानी LCB ने कार्रवाई करते हुए 500 रुपये के 18,419 नकली नोट बरामद किए हैं। इनकी अंकित कीमत करीब 92.09 लाख रुपये है। पुलिस ने मामले में बारामती के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

घर की तलाशी में मिला नकली नोटों का जखीरा

पुलिस के मुताबिक, LCB को अहिल्यानगर के एमआईडीसी थाना क्षेत्र में नकली नोटों के स्टॉक की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने वडगांव गुप्ता इलाके में एक मकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान सीढ़ियों के नीचे रखे एक बैग से 500 रुपये के नकली नोट और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कोरे कागजों के बंडल बरामद हुए।

पुलिस ने गणेश दिलीप शेवाले, सुमित विकास चंदनशिवे और सूरज वसंत कांबले को गिरफ्तार किया। इनके पास से पांच मोबाइल फोन और एक कार भी जब्त की गई। पुलिस के अनुसार, बरामद नकली नोटों समेत जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.03 करोड़ रुपये है।

अंधविश्वास का सहारा लेकर ठगी का आरोप

पूछताछ में पुलिस के सामने कथित तौर पर गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया। आरोप है कि ये लोग लोगों को ‘पैसों की बारिश’ कराने या रकम दोगुनी करने का लालच देते थे। इसके लिए अंधविश्वास और कथित तंत्र-मंत्र का सहारा लिया जाता था।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह लोगों से असली पैसे लेने के बाद बदले में नकली नोट देने की योजना बनाता था। यानी पीड़ित को यह भरोसा दिलाया जाता था कि उसके पैसे किसी विशेष प्रक्रिया से बढ़ जाएंगे, जबकि उसे नकली नोट थमा दिए जाते थे।

25 हजार रुपये में खरीदे थे नकली नोट

जांच में पुलिस को आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि नकली नोट कथित तौर पर नासिक जिले के मालेगांव से लाए गए थे। पुलिस के अनुसार, गणेश शेवाले ने अपने साथियों की मदद से करीब 25 हजार रुपये में ये नकली नोट खरीदने की बात बताई है।

इस मामले में अहिल्यानगर के दो अन्य संदिग्धों और मालेगांव के ‘अम्मू’ नाम के व्यक्ति की तलाश की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट कहां से तैयार किए गए और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

नकली नोट बाजार में चलाए गए या नहीं, जांच जारी

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि बरामद नकली नोटों का इस्तेमाल पहले किसी लेनदेन में किया गया था या नहीं। साथ ही उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिन्हें ‘पैसों की बारिश’ या रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ठगा गया हो।

मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र के अंधश्रद्धा एवं जादू-टोना विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

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