ईडी की बड़ी कार्रवाई: इकबाल मिर्ची के परिवार की 700 करोड़ रुपये से अधिक संपत्तियां अटैच, मुंबई से दुबई तक फैला नेटवर्क उजागर
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी आर्थिक कार्रवाई करते हुए भगोड़े माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी रहे इकबाल मिर्ची के परिवार से जुड़ी संपत्तियों पर शिकंजा कस दिया है। एजेंसी ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून (FEOA) के तहत कुल 700.27 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है।
यह कार्रवाई देश के सबसे बड़े आर्थिक अपराध मामलों में से एक मानी जा रही है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति के नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
मुंबई और दुबई में फैली संपत्तियां
ईडी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा मुंबई में स्थित है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 497 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इनमें आवासीय संपत्तियां, कमर्शियल प्रॉपर्टी और अन्य रियल एस्टेट एसेट्स शामिल हैं।
इसके अलावा जांच एजेंसी ने दुबई में स्थित करीब 203 करोड़ रुपये की संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से जब्त किया है। माना जा रहा है कि ये संपत्तियां विदेशी नेटवर्क के जरिए निवेश और बेनामी लेन-देन के माध्यम से बनाई गई थीं।
लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई पिछले कई वर्षों से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें इकबाल मिर्ची और उसके परिवार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की परतें खोली जा रही हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन संपत्तियों का उपयोग अवैध धन को वैध दिखाने (money laundering) के लिए किया गया था।
ईडी ने यह भी संकेत दिया है कि इस नेटवर्क में कई अन्य सहयोगियों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जो भारत और विदेशों में फैले हुए हैं।
FEOA कानून के तहत सख्त कदम
भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून (FEOA) के तहत यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस कानून के तहत उन आरोपियों की संपत्तियों को जब्त किया जाता है जो देश छोड़कर फरार हो चुके हैं और जिनके खिलाफ गंभीर आर्थिक अपराधों के मामले लंबित हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य न केवल अवैध संपत्तियों को नियंत्रित करना है, बल्कि यह संदेश देना भी है कि आर्थिक अपराधों पर सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है।
जांच एजेंसियों की नजर और कड़ी होने की संभावना
ईडी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अंतिम नहीं है और आगे भी और संपत्तियों की पहचान की जा सकती है। जांच टीम अब संपत्ति के मालिकाना हक, निवेश स्रोत और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर रही है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है ताकि विदेशों में छिपी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन का पूरा नेटवर्क सामने लाया जा सके।

