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मराठा आरक्षण पर जरांगे की मांग जारी, हैदराबाद-सातारा-औंध गजट को मान्यता देने पर जोर

मराठा आरक्षण पर जरांगे की मांग जारी, हैदराबाद-सातारा-औंध गजट को मान्यता देने पर जोर

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने ऐतिहासिक प्रशासनिक अभिलेखों को आधिकारिक मान्यता देने की अपनी मांग दोहराई है। उन्होंने कहा है कि हैदराबाद गजट, सातारा गजट और औंध गजट जैसे पुराने रिकॉर्ड को मान्यता मिलने से मराठा-कुनबी वंशावली साबित करने में मदद मिलेगी और पात्र लोगों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।

जरांगे का कहना है कि पुराने दस्तावेजों में दर्ज जानकारियों के आधार पर मराठा और कुनबी समुदाय के बीच ऐतिहासिक संबंधों को प्रमाणित किया जा सकता है। उनकी मांग है कि इन अभिलेखों के आधार पर कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए।

गजट को लेकर सरकार से मांग

मनोज जरांगे लंबे समय से मराठा समुदाय को OBC श्रेणी में शामिल करने और कुनबी प्रमाण पत्र देने की मांग उठा रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने हैदराबाद गजटियर सहित अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों को आधार बनाने की मांग की है।

सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद जरांगे ने अपना अनशन समाप्त किया था। सरकार की ओर से हैदराबाद गजटियर के आधार पर कुनबी प्रमाण पत्रों को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने और सातारा, कोल्हापुर, पुणे व औंध संस्थानों के गजट का अध्ययन कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया है।

OBC आरक्षण से जुड़ा है मामला

मराठा आरक्षण की मांग का मुख्य मुद्दा यह है कि समुदाय के पात्र लोगों को कुनबी प्रमाण पत्र के जरिए OBC वर्ग के लाभ मिल सकें। इसके लिए ऐतिहासिक रिकॉर्ड, राजस्व दस्तावेज और पुराने प्रशासनिक अभिलेखों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जरांगे का कहना है कि अगर पुराने गजट और रिकॉर्ड को मान्यता मिलती है तो कई मराठा परिवार अपनी कुनबी वंशावली साबित कर सकेंगे। हालांकि, इस प्रक्रिया में कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की जांच भी जरूरी होगी।

सरकार को दिया गया समय

जरांगे ने सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित किया और मांगों पर कार्रवाई के लिए समय दिया है। सरकार की ओर से भी संबंधित दस्तावेजों और प्रमाण पत्र प्रक्रिया पर काम करने की बात कही गई है।

फिलहाल मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है। ऐतिहासिक अभिलेखों को मान्यता देने और कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई को लेकर नजर बनी हुई है।

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