'डेड लेटर बॉक्स', 80000 रुपये और एन्क्रिप्टेड चैट; 2 लड़कियों ने कैसे टाइगर श्रॉफ के शूटर्स को दिए हथियार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर की गई गोलीबारी की घटना के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा (23) और बबीता (23) के साथ-साथ हरियाणा के सोनीपत जिले के कुणाल (21) और सुमित (19) शामिल हैं। ये दोनों महिलाएं सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं और राधा, कुणाल की गर्लफ्रेंड है। हमलावरों तक हथियार पहुंचाने के लिए 'डेड लेटर बॉक्स' तरीके का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस को शक है कि आरोपी विदेश में बैठे एक गैंगस्टर के इशारे पर काम कर रहे थे।
'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी की जांच कर रही पुलिस टीम को हथियारों की सप्लाई करने वाले एक नेटवर्क का पता चला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 'डेड लेटर बॉक्स' तकनीक का इस्तेमाल करके अमृतसर में पहले से तय एक जगह से हथियार हासिल किए गए थे।
आरोप है कि कुणाल और सुमित करीब दो हफ्ते पहले हथियार लेने के लिए अमृतसर गए थे। सूत्रों का दावा है कि अनिल पंडित नाम का एक व्यक्ति एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल के संपर्क में था और उसने वह सटीक जगह बताई थी, जहां से हथियार उठाए जाने थे। इस काम में शामिल होने के लिए महिलाओं को 10,000 से 12,000 रुपये दिए गए थे।
सूत्रों ने आगे बताया कि अनिल पंडित ने इस काम के लिए लगभग 80,000 रुपये दिए थे। इस रकम में से करीब 10,000 से 12,000 रुपये बबीता और राधा नाम की दो महिलाओं को दिए गए, जिन्हें हथियार मुंबई तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
'डेड लेटर बॉक्स' क्या है?
'डेड लेटर बॉक्स' एक ऐसी पहले से तय गुप्त जगह को कहते हैं, जहां एक व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के लिए कोई सामान छोड़ देता है, जिसे वह बाद में आकर ले लेता है। इस तरीके से दो लोग बिना आमने-सामने मिले ही आपस में सामान का आदान-प्रदान कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों को यह नहीं पता था कि अमृतसर में उस जगह पर हथियार किसने रखे थे।
कुणाल एक ऐप के जरिए अनिल पंडित से बातचीत करता था। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, कुणाल को इस साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा किया गया था। जेल से छूटने के बाद, एक दोस्त ने उसे अनिल पंडित से मिलवाया। इसके बाद, दोनों एक एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत करने लगे। सूत्रों के मुताबिक, करीब दो हफ्ते पहले अनिल पंडित ने कुणाल को अमृतसर से हथियार लाने और उन्हें मुंबई पहुंचाने का काम सौंपा था।
ये दोनों महिलाएं सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। जांचकर्ताओं को शक है कि कुणाल ने हथियार ले जाने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड राधा की मदद ली थी। बताया जा रहा है कि राधा और बबीता, दोनों ही सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। सूत्रों के अनुसार, कुणाल की राधा से मुलाकात करीब दो महीने पहले हुई थी, और उसी के कहने पर वह बबीता के साथ मुंबई गई थी।
मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है, और यह नई जानकारी पुलिस की जांच को एक नई दिशा दे सकती है। गौरतलब है कि रविवार शाम को, जुहू में एक मैदान के बाहर मोटरसाइकिल पर आए तीन शूटरों में से दो ने टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग कर दी। इस घटना में टाइगर श्रॉफ तो सुरक्षित रहे, लेकिन उनका ड्राइवर घायल हो गया।

