खर्च में कटौती और EV को बढ़ावा: महाराष्ट्र में अधिकारियों के लिए नया नियम, पब्लिक ट्रांसपोर्ट से करेंगे सफर
सरकारी खर्च में कटौती और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नए निर्देशों के तहत अब राज्य के अधिकारियों को सरकारी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) से यात्रा करने को प्राथमिकता देनी होगी।
इस संबंध में जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, गैर-जरूरी सरकारी वाहनों के उपयोग पर रोक लगाई जाएगी और अधिकारियों को छोटी दूरी की यात्राओं के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इसके साथ ही राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी यह एक अहम कदम माना जा रहा है।
EV और सादगी पर जोर
नई नीति के तहत सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों को सलाह दी गई है कि जहां संभव हो, वे EV या साझा परिवहन सेवाओं का उपयोग करें।
खर्च में कटौती का लक्ष्य
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला प्रशासनिक खर्च को नियंत्रित करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए लिया गया है। लंबे समय से सरकारी फ्लीट और ईंधन खर्च को लेकर पुनर्विचार की मांग की जा रही थी।
अधिकारियों पर असर
नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अधिकारियों की यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कई स्तरों पर सरकारी गाड़ियों के उपयोग को सीमित किया जाएगा और वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा दिया जाएगा।

