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मंदिर में ‘मेड इन पाकिस्तान’ चादर बेचने का दावा, वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच में जुटी

मंदिर में ‘मेड इन पाकिस्तान’ चादर बेचने का दावा, वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच में जुटी

महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवाड़ में एक मंदिर परिसर में कथित तौर पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ लेबल वाली चादरें बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक महिला ने दावा किया है कि मंदिर से खरीदी गई चादर पर उसे ‘Made in Pakistan’ का स्टीकर लगा मिला।

वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और स्थानीय प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और महिला के दावे की सत्यता की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित चादर वास्तव में कहां निर्मित हुई थी और वह मंदिर परिसर तक कैसे पहुंची।

वायरल वीडियो में महिला ने किया दावा

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में महिला एक चादर दिखाते हुए उस पर लगे ‘Made in Pakistan’ स्टीकर का जिक्र करती नजर आ रही है। महिला का आरोप है कि उसने यह चादर मंदिर परिसर में स्थित दुकान से खरीदी थी। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित दुकान संचालकों और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि दावा तथ्यात्मक रूप से सही है या नहीं।

प्रशासन जुटा तथ्य जुटाने में

प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि संबंधित उत्पाद पर लगा लेबल मूल है या बाद में लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल किसी भी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

अफवाहों से बचने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। अधिकारियों ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच के नतीजों के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल वीडियो में किया गया दावा कितना सही है और चादरों की वास्तविक उत्पत्ति क्या है।

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