मुंबई से शुरू हुआ CJP का आंदोलन, गोवा-कोलकाता के बाद दिल्ली पहुंचने की योजना
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि मुंबई से आंदोलन शुरू करने का फैसला सोच-समझकर लिया गया है। उनके मुताबिक, आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की योजना है। मुंबई के बाद गोवा और कोलकाता समेत अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किए जाएंगे और इसके बाद नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने की योजना है।
दीपके की अगुवाई में CJP ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क से प्रदर्शन की शुरुआत की। यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। दीपके ने कहा है कि प्रदर्शन को केवल मुंबई तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे देश के दूसरे हिस्सों में भी ले जाया जाएगा।
अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन की तैयारी
CJP की ओर से मुंबई के बाद अन्य शहरों में प्रदर्शन करने की बात कही गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, गोवा और कोलकाता के अलावा आंदोलन को देश के अन्य हिस्सों तक ले जाने की योजना है। इसके बाद नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने की बात कही गई है।
दीपके ने आंदोलन को लंबा चलाने की बात भी कही है। इससे पहले सामने आई रिपोर्टों में गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में प्रदर्शन की योजना का भी उल्लेख किया गया था।
मुंबई से शुरुआत की वजह
मुंबई से आंदोलन शुरू करने के फैसले को लेकर दीपके ने महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों और मुंबई के ऐतिहासिक आंदोलनकारी संदर्भ का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि मुंबई से आंदोलन की शुरुआत करने के पीछे विशेष कारण हैं। CJP ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन आयोजित किया, जिसके बाद आंदोलन की अगली दिशा दूसरे शहरों की ओर ले जाने की योजना बताई गई है।
फिलहाल आंदोलन की अगली कड़ी के तौर पर अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना सामने आई है। जंतर-मंतर पर धरना कब और किस स्वरूप में होगा, इसकी विस्तृत जानकारी आयोजकों की आगे की घोषणाओं से स्पष्ट होगी।

