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बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती टाइपिंग एग्जाम में तकनीकी गड़बड़ी, वीडियो में जाने अभ्यर्थियों ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग की

बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती टाइपिंग एग्जाम में तकनीकी गड़बड़ी, वीडियो में जाने अभ्यर्थियों ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग की

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रविवार को बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती के लिए आयोजित टाइपिंग एग्जाम के दौरान तकनीकी गड़बड़ी को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कई कंप्यूटर, माउस और की-बोर्ड ने अचानक काम करना बंद कर दिया। कुछ उम्मीदवारों ने यह भी दावा किया कि परीक्षा के बीच उनकी कंप्यूटर स्क्रीन पीली हो गई, जिससे उन्हें परीक्षा पूरी करने में परेशानी हुई।

अभ्यर्थियों के मुताबिक, सर्वर में खराबी आने के बाद कई उम्मीदवार करीब 10 मिनट के भीतर परीक्षा से अपने आप लॉगआउट हो गए। उनका कहना है कि तकनीकी समस्या उनकी गलती के कारण नहीं हुई थी, इसके बावजूद उनका परीक्षा प्रदर्शन प्रभावित हुआ। इसी को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने विरोध जताया और दोबारा परीक्षा आयोजित कराने की मांग की।

बताया गया कि इस परीक्षा में करीब 2,900 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्याओं की शिकायत सामने आने के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शन में CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके भी शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अभ्यर्थियों को उनकी किसी गलती के बिना ही परीक्षा में फेल कर दिया गया।अभिजीत दीपके ने मांग की कि जिन अभ्यर्थियों को तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा देने में परेशानी हुई, उनके लिए दोबारा टाइपिंग टेस्ट कराया जाए। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा प्रणाली में तकनीकी समस्या थी तो उसका खामियाजा अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए।

वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की ओर से कहा गया है कि एजेंसी के माध्यम से क्लर्क पद के लिए टाइपिंग परीक्षा सामान्य तरीके से आयोजित की गई थी। हालांकि, औरंगाबाद और कल्याण समेत कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायत प्राप्त हुई है।रजिस्ट्रार के मुताबिक, इन शिकायतों और तकनीकी समस्याओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे क्या कार्रवाई की जाएगी, इसकी जानकारी अभ्यर्थियों को आधिकारिक तौर पर दी जाएगी।

अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद अब परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि भर्ती परीक्षा उनके भविष्य से जुड़ी होती है और तकनीकी खामी के कारण किसी अभ्यर्थी को नुकसान नहीं होना चाहिए। वे चाहते हैं कि संबंधित केंद्रों की तकनीकी समस्या की निष्पक्ष जांच हो और प्रभावित उम्मीदवारों को उचित अवसर दिया जाए।फिलहाल हाईकोर्ट प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि तकनीकी समस्या कितने केंद्रों पर हुई और उससे कितने अभ्यर्थी प्रभावित हुए। अभ्यर्थियों को अब आधिकारिक निर्णय का इंतजार है।

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