BMC चुनाव में इतिहास रचने की ओर BJP, मुंबई में 7 वोट से जीती कांग्रेस प्रत्याशी, पवार परिवार की सियासत कमजोर
महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बने हुए हैं। शुरुआती रुझानों और नतीजों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है। दशकों से शिवसेना के गढ़ मानी जाने वाली BMC में भाजपा की मजबूत पकड़ ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है।
चुनाव परिणामों के बीच मुंबई की एक वार्ड सीट से कांग्रेस प्रत्याशी की मात्र 7 वोटों से जीत चर्चा का विषय बनी हुई है। कड़े मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी ने बेहद मामूली अंतर से जीत दर्ज की, जिससे यह साफ हो गया कि इस बार का चुनाव हर वोट की अहमियत को दर्शा रहा है। मतगणना के दौरान कई बार स्थिति पलटती नजर आई, लेकिन अंत में कांग्रेस प्रत्याशी ने बाजी मार ली।
वहीं, चुनावी नतीजों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और पवार परिवार की स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है। मुंबई जैसे बड़े शहरी क्षेत्र में NCP को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। कई वार्डों में पार्टी के प्रत्याशी तीसरे या चौथे स्थान पर सिमट गए, जिससे पवार परिवार के राजनीतिक प्रभाव पर सवाल खड़े हो गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहरी मतदाताओं में भाजपा का आधार लगातार मजबूत हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और आक्रामक चुनाव प्रचार का फायदा भाजपा को मिल रहा है। अगर मौजूदा रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो BMC में भाजपा का परचम लहराना महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित होगा।
कांग्रेस के लिए 7 वोटों से मिली जीत जहां राहत की खबर है, वहीं पार्टी के लिए यह चेतावनी भी है कि मुंबई जैसे महानगर में उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। सीमित सीटों पर जीत दर्ज कर पाना कांग्रेस की कमजोर संगठनात्मक स्थिति को उजागर करता है।

