करोड़ों की संपत्ति वाले BJP विधायक बने भिखारी, घाटकोपर की सड़कों पर मांगी मदद; वीडियो वायरल
मुंबई के घाटकोपर पूर्व से भाजपा विधायक पराग शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भिखारी के वेश में घाटकोपर की सड़कों पर घूमते और लोगों से मदद मांगते नजर आ रहे हैं। आमतौर पर महंगे कपड़ों और राजनीतिक गतिविधियों में दिखाई देने वाले विधायक का यह अलग अंदाज देखकर लोग हैरान हैं। वीडियो सामने आने के बाद उनके इस प्रयोग को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
पराग शाह के मुताबिक, उन्होंने यह प्रयोग किसी राजनीतिक कार्यक्रम या प्रचार के लिए नहीं किया था। वह जैन धर्मगुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित थे। इन्हीं शिक्षाओं के आधार पर उन्होंने कुछ समय के लिए अपनी पहचान और पहनावा बदलकर जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन समझने की कोशिश की।
शाह ने बताया कि मेकअप और वेशभूषा बदलने के बाद वह घाटकोपर रेलवे स्टेशन के आसपास आम लोगों के बीच पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सड़क किनारे बैठकर लोगों से मदद मांगी। कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। कुछ लोगों ने उनकी सहायता की, जबकि कुछ लोग बिना ध्यान दिए वहां से गुजर गए।
विधायक ने इस पूरे अनुभव का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में वह साधारण और भिखारी जैसे कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं। वह सड़क किनारे बैठकर लोगों के व्यवहार को देखते हैं और उनसे मदद मांगते हैं। इस दौरान उन्हें यह अनुभव हुआ कि जरूरतमंद लोगों को समाज में किस तरह देखा जाता है और उनके साथ आम लोगों का व्यवहार कैसा रहता है।
पराग शाह का कहना है कि इस प्रयोग का उद्देश्य गरीबी, उपेक्षा और जरूरतमंद लोगों की परेशानियों को करीब से समझना था। उन्होंने अपनी पहचान छिपाकर यह जानने की कोशिश की कि जब कोई व्यक्ति सामान्य सामाजिक हैसियत और पहचान से अलग दिखाई देता है, तो लोग उसके साथ कैसा व्यवहार करते हैं।
पराग शाह की संपत्ति भी अक्सर चर्चा में रहती है। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार, उनके पास 3,383 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट कारोबारी हैं और मुंबई के घाटकोपर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं।
इतनी बड़ी संपत्ति रखने वाले जनप्रतिनिधि का भिखारी के वेश में सड़क पर उतरना लोगों के लिए काफी अलग अनुभव रहा। वीडियो में कुछ लोग उनकी मदद करते दिखे, जबकि कुछ ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। शाह ने इसी अंतर को अपने प्रयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
उनके इस कदम को कुछ लोग आध्यात्मिक सीख और सामाजिक संवेदनशीलता से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों ने इसे प्रचार का तरीका भी बताया है। हालांकि शाह ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य राजनीतिक प्रचार नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन और समाज के व्यवहार को समझना था। विधायक का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनके प्रयोग, उद्देश्य और उससे मिली सीख को लेकर अपनी-अपनी राय साझा कर रहे हैं।

