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NEET पेपर लीक केस में बडे राज से उठा पर्दा, फुटेज में देखें पुणे का केमिस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड

NEET पेपर लीक केस में बडे राज से उठा पर्दा, फुटेज में देखें पुणे का केमिस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड

देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले में शुक्रवार को एक और बड़ी कार्रवाई हुई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में 8वीं गिरफ्तारी करते हुए पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी ही पूरे पेपर लीक नेटवर्क का मास्टरमाइंड है, जिसने परीक्षा से पहले छात्रों तक सवाल और उनके सही जवाब पहुंचाए थे।

CBI के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है और केमिस्ट्री विषय का विशेषज्ञ माना जाता है। वह लंबे समय तक NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा भी रह चुका है। इसी वजह से उसे परीक्षा प्रणाली और पेपर सेटिंग प्रक्रिया की गहरी जानकारी थी। जांच एजेंसी का कहना है कि कुलकर्णी की सीधे प्रश्नपत्र तक पहुंच थी, जिसका उसने गलत फायदा उठाया।

जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी पुणे स्थित अपने घर से कोचिंग क्लास भी चलाता था। आरोप है कि वह वहां पढ़ने वाले छात्रों को पहले ही संभावित सवाल और उनके जवाब बता देता था। CBI को शक है कि यही तरीका धीरे-धीरे संगठित पेपर लीक रैकेट में बदल गया।

एजेंसी के अनुसार, 3 मई को हुई NEET परीक्षा से पहले अप्रैल के आखिरी सप्ताह में आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से कई छात्रों तक लीक प्रश्नपत्र पहुंचाया गया। जांच में यह भी पता चला है कि कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ही महत्वपूर्ण सवाल और उनके उत्तर उपलब्ध करा दिए गए थे, जिससे उन्हें अनुचित फायदा मिला।

CBI फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे। एजेंसी को आशंका है कि इस नेटवर्क में शिक्षा जगत से जुड़े कुछ अन्य लोग और दलाल भी शामिल हो सकते हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, पेपर लीक का यह मामला केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है।

इस गिरफ्तारी के बाद NEET परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों छात्र हर साल मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा देते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती छात्रों के भविष्य और पूरे परीक्षा सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर असर डालती हैं।

उधर, छात्रों और अभिभावकों में भी इस मामले को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर कई लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसियों को घेरते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कदम उठाने की मांग की है।

CBI का कहना है कि मामले की जांच तेजी से जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

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