महाराष्ट्र में SIR को लेकर बड़ा निर्देश, वोटर का नाम हटाने से पहले BLA को देनी होगी जानकारी
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने अहम निर्देश जारी किए हैं। अब किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले संबंधित मामले की जानकारी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी BLA को देना जरूरी होगा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि दस्तावेजों की कमी होने पर जल्दबाजी में अंतिम फैसला न लिया जाए और संबंधित मतदाता को अतिरिक्त दस्तावेज उपलब्ध कराने का पर्याप्त मौका दिया जाए।
BLA को दी जाएगी मामलों की सूची
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, अगर SIR नोटिस के जवाब में जमा किए गए दस्तावेज पर्याप्त नहीं पाए जाते हैं, तो ऐसे मामलों का विवरण संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा।
BLA को संबंधित मतदाताओं से संपर्क कर जरूरी दस्तावेज जुटाने में सहयोग करने का समय दिया जाएगा। हालांकि, दस्तावेजों की जांच और अंतिम फैसला लेने का अधिकार Electoral Registration Officer यानी ERO या Assistant Electoral Registration Officer यानी AERO के पास ही रहेगा।
जल्दबाजी में नाम हटाने से बचने का निर्देश
चुनाव अधिकारियों को साफ तौर पर कहा गया है कि केवल दस्तावेजों में कमी पाए जाने के आधार पर जल्दबाजी में मतदाता का नाम हटाने का फैसला न लिया जाए। प्रत्येक मामले की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
अगर उपलब्ध सबूत पर्याप्त नहीं हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता को अतिरिक्त दस्तावेज देने और जहां जरूरी हो वहां सुनवाई का अवसर देने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाता केवल दस्तावेजी कमी या प्रक्रिया से जुड़ी समस्या के कारण मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
1.22 करोड़ मतदाताओं को जारी हुए नोटिस
रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 1.22 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें पुराने रिकॉर्ड से नाम का मिलान नहीं होने या रिकॉर्ड में 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' पाए जाने जैसे मामले शामिल हैं।
SIR के बाद राज्य की मतदाता सूची में करीब 9.8 करोड़ से घटकर लगभग 7.7 करोड़ नाम रह गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दो करोड़ से ज्यादा नाम ऐसे लोगों के थे जो संबंधित पते पर नहीं मिले, स्थान बदल चुके थे, उनकी मृत्यु हो चुकी थी या अन्य कारणों से उनके एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हो पाए थे।
अक्टूबर में विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे
मतदाताओं को जरूरी दस्तावेज जमा करने में सुविधा देने के लिए 3, 4, 10 और 11 अक्टूबर 2026 को विशेष शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन शिविरों के जरिए नोटिस पाने वाले मतदाता अपने दस्तावेज जमा कर सकेंगे।
महाराष्ट्र में SIR को लेकर पहले भी चुनाव कार्यालय ने राजनीतिक दलों को प्रक्रिया में शामिल करने के लिए कदम उठाए हैं। मई में मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने कहा था कि हटाए गए नामों की सूची BLA को उपलब्ध कराई जाएगी और गलत तरीके से नाम हटने की स्थिति में सुधार के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा।

