रेप केस में गिरफ्तार बाबा अशोक खरात उर्फ ‘भोंदू बाबा’ को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उसके नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, अशोक खरात खुद को ‘भगवान का उत्तराधिकारी’ बताकर नेताओं, अफसरों, कारोबारियों और आम लोगों को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने प्रभाव और चमत्कारों के दावों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह धार्मिक आस्था का सहारा लेकर अपनी पहुंच और पकड़ को मजबूत करता था, जिससे बड़ी संख्या में लोग उसके संपर्क में आते थे।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि लोकसभा, विधानसभा और नगरपालिका चुनावों के दौरान कुछ नेताओं के उसके दरबार में आने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस दौरान कोई राजनीतिक या अन्य तरह का प्रभाव डालने की कोशिश की गई थी।
अधिकारियों का कहना है कि बाबा खरात के खिलाफ दर्ज मामलों की गहराई से जांच की जा रही है और उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और किस स्तर तक उसका प्रभाव फैला हुआ था।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। लोग यह जानकर हैरान हैं कि कैसे एक व्यक्ति धार्मिक आस्था का सहारा लेकर इतने बड़े स्तर पर प्रभाव बना सकता है और लोगों को अपने जाल में फंसा सकता है।
जांच एजेंसियां अब उसके वित्तीय लेन-देन, संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था। फिलहाल, मामला जांच के अधीन है और आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

