नासिक में ढोंगी बाबा अशोक खरात का काला सच उजागर, त्रिकालज्ञानी के नाम पर ठगी और शोषण के आरोप
महाराष्ट्र के नासिक में मर्चेंट नेवी के स्वयंभू कैप्टन और स्वयं को “त्रिकालज्ञानी” व “अवतारी पुरुष” बताने वाले अशोक खरात उर्फ ‘कैप्टन खरात’ के कथित काले साम्राज्य की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, पूरा प्रदेश सन्न रह गया है। सामने आ रहे खुलासों ने इस मामले को और भी गंभीर और चिंताजनक बना दिया है।
आरोप है कि अशोक खरात ने धर्म और आस्था के नाम पर न केवल मासूम श्रद्धालुओं को ठगा, बल्कि महिलाओं के सम्मान के साथ भी गंभीर खिलवाड़ किया। जांच में सामने आए ताज़ा मामले ने उसके कथित चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है, जिसमें उसने एक विवाहित महिला को “अप्सरा” बताकर उसके जीवन को मानसिक और सामाजिक रूप से नर्क बना दिया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, अशोक खरात ने अपनी बातों और झांसे से महिला को प्रभावित किया और उसे मानसिक रूप से नियंत्रित करने की कोशिश की। इस दौरान उसने महिला के साथ कथित तौर पर ऐसा व्यवहार किया, जिससे उसके पारिवारिक जीवन पर भी गंभीर असर पड़ा। यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच गुस्सा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आरोपी के प्रभाव और उसके कथित नेटवर्क की परतें भी उजागर हो रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या इस तरह के और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
इस घटना ने समाज में फैले अंधविश्वास और ऐसे कथित ढोंगी बाबाओं के प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आस्था के नाम पर लोगों को ठगने और उनके साथ गलत व्यवहार करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाना बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है और पीड़िता के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा दिलाई जाएगी।
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि अंधविश्वास और झूठे दावों के सहारे समाज में कैसे लोगों को निशाना बनाया जाता है, और ऐसे मामलों पर समय रहते सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

