अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार ने राज ठाकरे से की मुलाकात, जांच की मांग और सवाल उठाए
महाराष्ट्र की राजनीति में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को हुई विमान दुर्घटना के बाद उठ रहे सवालों ने फिर से हलचल पैदा कर दी है। एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने शुक्रवार को राज ठाकरे से मुलाकात की और इस हादसे की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
मुलाकात के बाद राज ठाकरे ने पत्रकारों से कहा कि “सरकार खुद इस मामले में संशय और शंका पैदा कर रही है। हम सबको यह जानना चाहिए कि यह वास्तव में एक हादसा था या इसके पीछे कुछ और परिस्थितियां थीं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्ण पारदर्शिता और जांच की आवश्यकता है, ताकि इस घटनाक्रम के पीछे के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।
एनसीपी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार लगातार इस विमान दुर्घटना पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि हादसे की कारणों और परिस्थितियों को लेकर जनता में अनिश्चितता है। रोहित पवार ने राज्य सरकार से एफआईआर दर्ज करने और स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि केवल प्रारंभिक रिपोर्ट पर विश्वास करना पर्याप्त नहीं है, और हादसे की पूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक जांच की जानी चाहिए।
राज ठाकरे ने इस मौके पर यह भी कहा कि अगर हादसा वास्तव में प्राकृतिक या तकनीकी कारणों से हुआ है, तो जांच के परिणाम पारदर्शी तरीके से जनता के सामने लाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी तरह की गोपनीयता या राजनीतिक दबाव मामले की निष्पक्ष जांच में बाधा नहीं डालना चाहिए।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस मुलाकात और सवाल उठाने का मकसद केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि जनता के भरोसे और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लगातार सवाल उठाने से सरकार पर दबाव बढ़ेगा और जांच सख्त और निष्पक्ष होने की संभावना बढ़ जाएगी।
हालांकि, राज्य सरकार ने इस मामले में कहा है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की जांच जारी है और प्रारंभिक रिपोर्ट में एयरपोर्ट संचालन में कुछ खामियों को उजागर किया गया है। सरकार का कहना है कि विस्तृत और तकनीकी रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर जल्दी नहीं पहुंचा जा सकता।
महाराष्ट्र की जनता और राजनीतिक दल इस मामले में संवेदनशील हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि रोहित पवार और राज ठाकरे की पहल राजनीतिक दबाव के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी को भी उजागर करती है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की जांच निष्पक्ष ढंग से पूरी की जाती है, तो यह अजित पवार की मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाने में मदद करेगी।
कुल मिलाकर, रोहित पवार और राज ठाकरे की यह मुलाकात और विमान दुर्घटना पर उठाए गए सवाल महाराष्ट्र की राजनीति में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि सिर्फ प्रारंभिक रिपोर्ट पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है और विस्तृत जांच की मांग जारी रहेगी।

