ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आदेश पर वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जबकि पिछले दिन (29 अप्रैल) एआईएमपीएलबी ने वक्फ एक्ट के खिलाफ 'बत्ती गुल' अभियान चलाने का ऐलान किया था, जिसका असर देश के कई शहरों में देखने को मिला। लोगों ने रात 9 बजे 15 मिनट के लिए अपने घरों की लाइटें बंद करके अपना विरोध जताया।
वहीं महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में सभी उलेमाओं और मौलानाओं के ऐलान के बाद विरोध प्रदर्शन के समर्थन में सभी दुकानों और घरों की लाइटें बंद रखी गईं। जिसके कारण शहर के कई इलाकों व मोहल्लों में अंधेरा छा गया। इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए कई लोग सड़क पर मौजूद थे और उन्होंने माइक्रोफोन के जरिए सभी से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
मुस्लिम बहुल इलाके अंधेरे में डूबे
पिछले कई शुक्रवार की नमाज के दौरान लोग अपनी बांहों पर काली पट्टियां बांधकर इस कानून का विरोध कर रहे हैं। आज सभी ने रात 9 बजे लाइटें बंद करके विरोध प्रदर्शन किया। भिवंडी शहर के मुस्लिम बहुल इलाके जैसे कोटार गेट, जैतुन पुरा, खादी पार, खंडूपाड़ा, अंसार मोहल्ला, ओट्ठीपाड़ा, दीवान शाह, दरगाह रोड, साहिल होटल, धोबी तालाब, शांति नगर, गेबी नगर, फातमा नगर, मंसूराबाद आदि इलाके 5 मिनट तक अंधेरे में रहे।
एआईएमपीएलबी ने अपील की थी
एआईएमपीएलबी के प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने मंगलवार को कहा कि बोर्ड ने वक्फ अधिनियम में किए गए भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक संशोधनों के खिलाफ 30 अप्रैल से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को रात 9:00 बजे से 9:15 बजे तक पूरे देश में 'लाइट ऑफ' कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जाहिर तौर पर एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम है, लेकिन इसके जरिए देशभर के मुसलमान और तमाम इंसाफपसंद लोग एकजुट होकर इन काले सुधारों के प्रति अपना विरोध जताएंगे। उन्होंने लोगों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की।
ओवैसी ने भी किया समर्थन
वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) सुप्रीमो और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी घोषणा की कि 30 अप्रैल को 'लाइट बंद' अभियान शुरू किया जाएगा। ओवैसी ने लोगों से इस अभियान का हिस्सा बनने को कहा ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक यह संदेश पहुंचाया जा सके कि यह कानून मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

