महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव से पहले महायुति में सीटों को लेकर तकरार, शिंदे गुट-बीजेपी आमने-सामने
महाराष्ट्र की राजनीति में विधान परिषद चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। महायुति गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। बीजेपी जहां 12 सीटों पर दावा कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला शिवसेना गुट 5 सीटों की मांग पर अड़ा हुआ है। दूसरी ओर अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने भी 3 सीटों पर अपना दावा ठोक दिया है। गठबंधन के भीतर बढ़ती इस रस्साकशी ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, सीटों के बंटवारे को लेकर लगातार बैठकों और बातचीत का दौर जारी है, लेकिन अभी तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। बीजेपी का मानना है कि राज्य में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे अधिक सीटें मिलनी चाहिए। वहीं शिंदे गुट अपने राजनीतिक महत्व और समर्थन आधार को देखते हुए कम से कम 5 सीटें चाहता है।
बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी की है। बैठक के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी की मांग और राजनीतिक स्थिति से अवगत कराया। माना जा रहा है कि महायुति में संतुलन बनाए रखने के लिए केंद्रीय नेतृत्व सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
उधर, एनसीपी भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है। पार्टी ने तीन सीटों पर दावा करते हुए गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने का संकेत दिया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद अब विधान परिषद चुनाव भी महायुति के भीतर ताकत के संतुलन का बड़ा संकेत बनते जा रहे हैं।
महायुति के भीतर सीटों को लेकर जारी खींचतान विपक्ष के लिए भी चर्चा का विषय बन गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि गठबंधन के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा और सहयोगी दलों के बीच भरोसे की कमी दिखाई दे रही है। हालांकि महायुति के नेताओं का दावा है कि बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, विधान परिषद चुनाव भले ही सीमित सीटों का मामला हो, लेकिन इसका असर राज्य की भविष्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है। सीटों का बंटवारा सहयोगी दलों की राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक प्रभाव का संकेत माना जाता है। ऐसे में हर दल ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल कर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में दिल्ली और मुंबई में कई और दौर की बैठकें हो सकती हैं। बीजेपी नेतृत्व गठबंधन में किसी तरह का असंतोष खुलकर सामने न आए, इसके लिए संतुलन बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
फिलहाल महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव से पहले महायुति के भीतर सीटों की जंग ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बीजेपी, शिंदे गुट और एनसीपी के बीच आखिरकार सीटों का फॉर्मूला कैसे तय होता है।

