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मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में 11वां संदिग्ध हिरासत में, इंदौर से पकड़ा गया आरोपी

मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में 11वां संदिग्ध हिरासत में, इंदौर से पकड़ा गया आरोपी

मुंबई क्राइम ब्रांच ने बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में कार्रवाई करते हुए इंदौर से एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, यह इस मामले में हिरासत में लिया गया 11वां संदिग्ध है। जांच एजेंसियों को शक है कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क को मदद पहुंचा रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर मामले में उसकी कथित भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

इंदौर से हिरासत में लिया गया संदिग्ध

जानकारी के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच इस फायरिंग मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। इसी दौरान पुलिस को इंदौर में एक संदिग्ध के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध का फायरिंग की घटना से क्या संबंध है और क्या उसने आरोपियों को किसी तरह की मदद दी थी।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग नेटवर्क से संबंध होने का शक

पुलिस को संदेह है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क की मदद कर रहा था। हालांकि, उसकी भूमिका को लेकर अभी जांच जारी है। पुलिस उससे संपर्कों, संभावित सहयोगियों और घटना से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर सकती है।

जांच एजेंसियां आमतौर पर ऐसे मामलों में आरोपियों के बीच संपर्क, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और संचार के उपलब्ध रिकॉर्ड की पड़ताल करती हैं। इस मामले में भी पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना की योजना कैसे बनाई गई और इसमें कौन-कौन शामिल था।

अब तक 11 संदिग्धों पर कार्रवाई

इस मामले में 11वें संदिग्ध को हिरासत में लिए जाने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस यह स्पष्ट करने में जुटी है कि हिरासत में लिए गए लोगों के बीच क्या संबंध है और कथित नेटवर्क ने घटना में किस तरह भूमिका निभाई। हालांकि, सभी संदिग्धों की भूमिका और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी भूमिका

फिलहाल, इंदौर से हिरासत में लिए गए संदिग्ध से पूछताछ जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसका फायरिंग की घटना में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध था या नहीं। किसी भी संदिग्ध की भूमिका को अदालत में दोष सिद्ध होने से पहले अंतिम रूप से अपराध साबित नहीं माना जा सकता।

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