भारतीय जनता पार्टी के नेता अनिल टाइगर की हत्या के बाद झारखंड राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा आहूत बंद के दौरान गुरुवार (27 मार्च 2025) को रांची में जनजीवन प्रभावित रहा। भाजपा नेताओं ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए इसे ‘जंगल राज’ बताया। हत्या का मुद्दा भाजपा ने झारखंड विधानसभा में भी उठाया। बंद के दौरान पुलिस ने कई भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया।
बंद के समर्थन में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ सैकड़ों भाजपा नेता सड़कों पर उतरे। बुधवार शाम को कांके इलाके में अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के विरोध में सुबह से ही कांके चौक जाम रहा और जगह-जगह प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए। रांची बंद के कारण अधिकांश स्कूल बंद रहे, साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठान, शॉपिंग मॉल और बाजार भी बंद रहे। रांची के अरगोड़ा चौक, किशोरगंज, बरियातू ओरमांझी, धुर्वा और रातू में भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि रांची एसपी हत्याकांड को कमजोर करने के लिए गलत सूचना फैला रहे हैं। श्री मरांडी ने सदन में कहा, "झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। राज्य के थाने अपराध पर नियंत्रण करने के बजाय अब अवैध वसूली के अड्डे बन गए हैं। हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में झारखंड तेजी से अराजकता की ओर बढ़ता दिख रहा है। अपराधी बेखौफ हैं और प्रशासनिक व्यवस्था की निष्क्रियता जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।"