क्रिकेट न्यूज़ डेस्क।क्रिकेट मैचों को लेकर सट्टेबाजी बड़े पैमाने पर होती है। जब भी बड़े टूर्नामेंट का आयोजन होता है तो सट्टेबाज काफी सक्रीय हो जाते हैं। इन दिनों भारत में वनडे विश्व कप का आयोजन हो रहा है।14 अक्टूबर को भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। भारत और पाकिस्तान के मैच को लेकर सट्टेबाजी जमकर होने वाली है।
आखिर कैसे चलता है सट्टा बाजार, कैसे फिक्स होते हैं मैच और खिलाड़ी ?

अभी से भारत और पाकिस्तान टीमों के रेट तय हो गए हैं। टीम इंडिया वनडे विश्व कप में कभी नहीं हारी और इसलिए वह सट्टा बाजार में फेवरिट बनी है, जिसे पर काफी पैसा लग सकता है।सट्टेबाजी भारत में अवैध है, लेकिन इसके बावजूद यह कारोबार छुपकर चल रहा है।
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सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या क्रिकेट मैचों के सट्टों में बोर्ड की भागीदार भी होती है तो इसके जवाब नहीं होगा। पूरा क्रिकेट बोर्ड क्रिकेट मैचों के सट्टों में शामिल नहीं होता है। अभी तक कई प्रकरण सामने आए हैं, लेकिन सीधे तौर पर इनमें क्रिकेट बोर्ड की भागीदार शामिल नहीं होती है।
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हालांकि बोर्ड का कोई सदस्य या फिर अधिकारी लिफ्त हो सकता है। दरअसल सट्टेबाज बोर्ड के अधिकारियों के संपर्क में कई बार आ जाते हैं ताकि खिलाड़ियों से संपर्क करके फिक्सिंग की जा सके ।दुनिया के हर क्रिकेट बोर्ड सट्टेबाजी और फिक्सिंग को रोकने के लिए काम कर रहा है।बीसीसीआई की भी एंटी करप्शन यूनिट है, जो इन मामलों को देखती है। खिलाड़ियों को भी यह हिदायत है कि कोई भी उनसे फिक्सिंग को लेकर संपर्क करता है तो वह सीधे इसकी सूचना क्रिकेट बोर्ड को दें , वरना उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।


