Samachar Nama
×

गूगल पे और फोन पे यूज़र्स के लिए अलर्ट! 1 अप्रैल से बंद हो सकता है आपका यूपीआई ट्रांजेक्शन

अगर आप भी Google Pay और PhonePe जैसे लोकप्रिय UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आने वाले 1 अप्रैल 2025 से आपके UPI ट्रांजेक्शन पर असर पड़ सकता है। दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम....

अगर आप भी Google Pay और PhonePe जैसे लोकप्रिय UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आने वाले 1 अप्रैल 2025 से आपके UPI ट्रांजेक्शन पर असर पड़ सकता है। दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने थर्ड पार्टी UPI ऐप्स के लिए एक बड़ा नियम लागू करने का फैसला किया है। अगर आपका अकाउंट इन ऐप्स से जुड़ा है, तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है।

क्या है नया नियम?

NPCI के मुताबिक, UPI मार्केट शेयर लिमिट लागू की जा रही है। नए नियम के तहत, कोई भी थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर (TPAP) UPI इकोसिस्टम में 30% से ज्यादा ट्रांजेक्शन वॉल्यूम नहीं रख सकता। Google Pay और PhonePe फिलहाल UPI ट्रांजेक्शन का बड़ा हिस्सा कवर करते हैं। इन दोनों ऐप्स की कुल हिस्सेदारी UPI मार्केट में लगभग 80% के आसपास है। NPCI ने इस अनुपात को घटाने का अल्टीमेटम दिया है। अगर कंपनियां 1 अप्रैल 2025 तक इस लिमिट का पालन नहीं करती हैं, तो इनके ऊपर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसका सीधा असर उन यूज़र्स पर पड़ेगा, जो सिर्फ इन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर हैं।

आपके ट्रांजेक्शन कैसे होंगे प्रभावित?

अगर ये दोनों कंपनियां NPCI के नए नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उनके UPI प्लेटफॉर्म पर लिमिट लगाई जा सकती है। इसका मतलब यह हो सकता है कि आप एक दिन में केवल सीमित संख्या में ही ट्रांजेक्शन कर पाएंगे। हो सकता है कि पेमेंट फेल हो जाए या ऐप पर “Transaction Not Allowed” का मैसेज देखने को मिले। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर उन यूज़र्स पर ज्यादा होगा, जो केवल Google Pay या PhonePe पर ट्रस्ट करते हैं और किसी अन्य ऐप का इस्तेमाल नहीं करते।

क्या है NPCI का मकसद?

NPCI चाहती है कि UPI ट्रांजेक्शन इकोसिस्टम में प्रतिस्पर्धा बढ़े। बाजार पर केवल कुछ ही कंपनियों का कब्जा न रहे। इससे छोटे ऐप्स को भी यूज़र्स तक पहुंचने का मौका मिलेगा और डेटा सुरक्षा बेहतर होगी। फिलहाल Paytm, BHIM App, और कई छोटे प्लेटफॉर्म्स जैसे Mobikwik और Amazon Pay को इस नियम से फायदा हो सकता है। NPCI यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि UPI सिस्टम में किसी एक कंपनी की मोनोपॉली न हो।

यूज़र्स को क्या करना चाहिए?

  1. विकल्प तैयार रखें – अगर आप सिर्फ Google Pay या PhonePe का ही इस्तेमाल करते हैं, तो किसी और UPI ऐप को डाउनलोड कर लें।
  2. अपने बैंक ऐप्स का इस्तेमाल बढ़ाएं – SBI, HDFC, ICICI जैसी बैंकिंग ऐप्स में भी UPI का विकल्प मिलता है।
  3. नियमित अपडेट्स चेक करें – NPCI और आपके UPI ऐप्स के नोटिफिकेशन पर नजर रखें।

अगर आप अभी से तैयार रहते हैं तो भविष्य में किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

निष्कर्ष

1 अप्रैल 2025 से Google Pay और PhonePe यूज़र्स को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर NPCI का नया नियम लागू हो जाता है, तो इन प्लेटफॉर्म्स पर ट्रांजेक्शन लिमिट लग सकती है।
इसलिए यूज़र्स को अभी से ही दूसरे विकल्प अपनाने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

Share this story

Tags