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सेंसेक्स में साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा गिरावट, वीडियो में देखें रियल्टी और IT सेक्टर सबसे ज्यादा टूटे

नए वित्त वर्ष 2025-26 के पहले कारोबारी दिन, मंगलवार (1 अप्रैल) को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,390 अंक (करीब 1.80%) टूटकर 76,024 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 440 अंक गिरकर 23,065 पर आ गया।

गिरावट के प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में इस गिरावट के पीछे कई वजहें रहीं, जिनमें शामिल हैं:

  1. वैश्विक बाजारों में कमजोरी – अमेरिकी और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा।

  2. बढ़ती जियो-पॉलिटिकल चिंताएं – पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन संकट जैसी घटनाओं ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला।

  3. मुनाफावसूली का दौर – मार्च के अंतिम दिनों में बाजार में जबरदस्त तेजी आई थी, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।

  4. FII और DII की बिकवाली – विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (FII & DII) ने भारी बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना।

किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट?

  • बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर: HDFC बैंक, ICICI बैंक, SBI और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में 2-3% की गिरावट आई।

  • आईटी सेक्टर: इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो और एचसीएल टेक के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।

  • मेटल और ऑटो सेक्टर: टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, मारुति और टाटा मोटर्स के शेयरों में कमजोरी रही।

बाजार की आगे की दिशा?

विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अच्छा खरीदारी का मौका हो सकती है।

आने वाले दिनों में आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की दिशा तय करेंगे।

निवेशकों के लिए सलाह:

  • लंबी अवधि के लिए निवेश करने वालों को घबराने की जरूरत नहीं है।

  • गिरावट के दौरान मजबूत कंपनियों के शेयरों में धीरे-धीरे खरीदारी करें।

  • छोटे निवेशक ट्रेडिंग में अधिक जोखिम न लें।

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