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Yemen Conflict: यमन में फिर बढ़ा संघर्ष, हवाई हमले में 7 की मौत; 40 घायल, सऊदी पर ड्रोन हमलों का दावा
 

Yemen Conflict: यमन में फिर बढ़ा संघर्ष, हवाई हमले में 7 की मौत; 40 घायल, सऊदी पर ड्रोन हमलों का दावा

यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। रविवार को ताइज प्रांत में हुए एक हवाई हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए हैं। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, हमले में एक बाजार की दुकानों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, यमन की सरकार ने कहा है कि सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकाने और उनके वाहन थे। यमनी सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हूतियों ने हाल में बाजार के नजदीक एक सैन्य कैंप स्थापित किया था।
दो महीने में 700 से ज्यादा लोगों की मौत
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पिछले दो महीनों के दौरान यमन में संघर्ष दोबारा तेज हुआ है। इस अवधि में नागरिकों समेत 700 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, सितंबर की शुरुआत से अब तक 82 हजार से अधिक लोगों के विस्थापित होने की जानकारी सामने आई है।
लगातार हो रही हिंसा के कारण कई इलाकों में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और बड़ी संख्या में परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है।
2014 से गृहयुद्ध की चपेट में यमन
यमन में गृहयुद्ध की शुरुआत 2014 में हुई थी। एक तरफ हूती विद्रोही हैं, जबकि दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में लड़ने वाले सैन्य गुट हैं। सऊदी अरब भी यमनी सरकार के समर्थन में संघर्ष में शामिल रहा है।
2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता के प्रयासों के बाद दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम हुआ था। हालांकि, हाल के महीनों में तनाव बढ़ने के साथ यह व्यवस्था कमजोर पड़ गई और दोबारा मिसाइल, ड्रोन तथा हवाई हमलों का दौर शुरू हो गया।


सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा
यमन सरकार की सेना ने दावा किया है कि हूती विद्रोहियों ने शनिवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद की ओर दो ड्रोन भेजे थे। सेना के मुताबिक, सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने दोनों ड्रोन को रोक दिया।
इसके अलावा खमिस मुशैत को निशाना बनाकर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने का भी दावा किया गया है। सऊदी नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, अबहा और जिजान में भी रात के समय संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।
हूती-सऊदी संघर्ष की वजह क्या है?
सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूती विद्रोही उसके खिलाफ लड़ रहे हैं। इसी वजह से हूतियों और सऊदी अरब के बीच भी लंबे समय से टकराव जारी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, जुलाई से हूतियों ने रियाद के अलावा अबहा, जिजान, नजरान, ताइफ, जेद्दा और यानबू जैसे इलाकों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। कुछ हमलों में एयरपोर्ट, सैन्य प्रतिष्ठानों और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
इसके जवाब में सऊदी अरब ने यमन में हूती ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की है। इस तरह दोनों पक्षों के बीच सैन्य तनाव लगातार बना हुआ है।
बाब अल-मंदेब पर संघर्ष का असर
यमन के तटीय इलाकों में हूतियों की गतिविधियां समुद्री व्यापार के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। बाब अल-मंदेब स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
हूती विद्रोहियों ने सऊदी जहाजों और सऊदी से सामान ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। यदि इस क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ता है, तो इसका असर लाल सागर से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और क्षेत्रीय समुद्री आवाजाही पर पड़ सकता है।
 

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