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Yemen Attack: अदन में राष्ट्रपति भवन पर 5 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, 4 लोगों की मौत; हूतियों पर आरोप

Yemen Attack: अदन में राष्ट्रपति भवन पर 5 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, 4 लोगों की मौत; हूतियों पर आरोप

यमन के अदन शहर में राष्ट्रपति भवन परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने परिसर को निशाना बनाते हुए पांच मिसाइलें दागीं। हमले के समय यमन के प्रधानमंत्री शाया मोहसेन अल-जिंदानी और सरकार के कई मंत्री वहां मौजूद थे। अधिकारियों के अनुसार, सभी सुरक्षित हैं, जबकि हमले में चार लोगों की मौत हुई है। मृतकों में दो सुरक्षाकर्मी शामिल बताए गए हैं।

यमन के सूचना मंत्रालय के मुताबिक, हमले में जानमाल का नुकसान हुआ है। वहीं, हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने अदन में सऊदी अरब के सैन्य अभियान मुख्यालय को निशाना बनाया। हूती मीडिया ने हथियारों के भंडार पर हमला करने की बात भी कही है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सऊदी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

अदन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार की अंतरिम राजधानी है। यहां राष्ट्रपति भवन परिसर पर हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन में सरकार और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है।

सऊदी अरब यमन की सरकार का समर्थन करता है और हूतियों के खिलाफ अभियान में सरकारी बलों को सैन्य सहायता देता रहा है। दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन मिलने के आरोप लगते रहे हैं।

राष्ट्रपति भवन परिसर पर हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मिसाइलों से परिसर के किन हिस्सों को कितना नुकसान पहुंचा।

चीन से मिले पुर्जों की मदद से मिसाइल बनाने की कोशिश?

ब्रिटेन की संस्था कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च (CAR) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हूती विद्रोही चीन से मंगाए गए पुर्जों की मदद से नई बैलिस्टिक मिसाइल विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, हूती ईरान में डिजाइन की गई खैबर शिकन मिसाइल जैसी क्षमता वाला हथियार तैयार करना चाहते हैं। इस मिसाइल की बताई गई मारक क्षमता लगभग 1,500 किलोमीटर है।

यदि हूती इस तरह की मिसाइल विकसित करने में सफल होते हैं, तो उनकी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता बढ़ सकती है। इससे सऊदी अरब और इजराइल सहित क्षेत्र के अन्य देशों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ने की आशंका है। हालांकि, रिपोर्ट में बताए गए हथियार विकास संबंधी दावों को स्वतंत्र पुष्टि के बिना अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।

2014 से जारी है यमन में संघर्ष

यमन में मौजूदा संघर्ष की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • 2014: हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया, जिससे देश में राजनीतिक और सैन्य संकट गहरा गया।
  • 2015: सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को फिर से सत्ता में स्थापित करना था।
  • कई वर्षों तक युद्ध: सऊदी गठबंधन ने हवाई हमले किए, लेकिन हूतियों को पूरी तरह पीछे हटाने में सफलता नहीं मिली।
  • मौजूदा स्थिति: हूती विद्रोही अब भी यमन के बड़े हिस्से में प्रभाव रखते हैं। उनके सैन्य अभियानों और क्षेत्रीय गतिविधियों का असर यमन से बाहर भी महसूस किया जाता है।

हमले से क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका

अदन में राष्ट्रपति भवन परिसर पर मिसाइल हमला यमन के पहले से जारी संघर्ष को और गंभीर बना सकता है। खासकर सऊदी अरब की सैन्य भूमिका और हूतियों की मिसाइल क्षमता को लेकर क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है।

फिलहाल, हमले में चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है और प्रधानमंत्री सहित परिसर में मौजूद मंत्रियों के सुरक्षित होने की बात कही गई है। हूतियों ने सऊदी सैन्य अभियान से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है, लेकिन हमले के वास्तविक लक्ष्य और नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आना अभी बाकी है।

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