BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आएंगे शी जिनपिंग, फुटेज में देंखे गलवान हिंसा के बाद PM मोदी से पहली द्विपक्षीय मुलाकात पर नजर
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की है। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित होना है। शी जिनपिंग के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना जताई जा रही है। अगर दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात होती है, तो जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत में दोनों की पहली द्विपक्षीय बातचीत होगी।
गलवान के बाद बदले भारत-चीन रिश्ते
भारत और चीन के रिश्तों में जून 2020 की गलवान हिंसा के बाद बड़ा तनाव आया था। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। चीन ने बाद में अपने चार सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की थी। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर लंबे समय तक तनाव बना रहा और सैन्य व कूटनीतिक स्तर पर बातचीत का दौर जारी रहा।
अब BRICS सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग की संभावित बैठक को इसी पृष्ठभूमि में अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच सीमा विवाद समेत द्विपक्षीय रिश्तों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
BRICS में 11 देशों की भागीदारी
नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में चीन और रूस समेत कुल 11 देशों के शामिल होने की बात कही गई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी सम्मेलन के लिए भारत पहुंचेंगे। ऐसे में सम्मेलन के दौरान भारत को कई प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत का मौका मिलेगा।
शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर सबसे ज्यादा नजर भारत-चीन संबंधों को लेकर रहेगी। सीमा विवाद के अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक रिश्ते भी अहम एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।
व्यापार घाटे और सप्लाई चेन पर भारत की नजर
भारत और चीन के बीच कारोबार बड़ा है, लेकिन भारत लंबे समय से चीन के साथ व्यापार घाटे को कम करने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा रेयर अर्थ मैगनेट और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सामानों की सप्लाई को लेकर भी भारत अपनी चीन पर निर्भरता घटाना चाहता है।
ऐसे में संभावित मोदी-शी बैठक केवल सीमा विवाद तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार, सप्लाई चेन, जरूरी औद्योगिक सामान और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हो सकती है। BRICS मंच पर शी जिनपिंग की मौजूदगी भारत-चीन संबंधों में आगे की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

