मिडिल ईस्ट युद्ध पर शी जिनपिंग की सख्त चेतावनी, वीडियो में देंखे “दुनिया फिर जंगलराज की ओर बढ़ रही है”
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर युद्ध को तुरंत नहीं रोका गया तो इसका असर पूरी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक स्थिरता पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियाँ दुनिया को “जंगलराज” जैसे हालात की ओर धकेल रही हैं, जहाँ अंतरराष्ट्रीय नियम और संस्थाएँ कमजोर पड़ सकती हैं।
शी जिनपिंग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी तरह की एकतरफा सैन्य कार्रवाई और लंबे समय तक चलने वाला युद्ध वैश्विक व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध को रोकना अब बेहद जरूरी हो गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को बचाया जा सके।यह बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं व सुरक्षा नीतियों पर इसका असर दिखने लगा है। चीन का यह रुख वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, जिसमें वह संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत कर रहा है।
इससे पहले बीजिंग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का औपचारिक स्वागत किया गया, जहाँ दोनों नेताओं ने एक साथ रेड कार्पेट पर चलते हुए द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती का प्रदर्शन किया। इस दौरान सैन्य बैंड द्वारा रूस और चीन के राष्ट्रगान बजाए गए, जिसने कार्यक्रम को और अधिक औपचारिक और भव्य बना दिया।विशेषज्ञों का मानना है कि शी जिनपिंग का यह बयान न केवल मिडिल ईस्ट संकट पर चीन की स्थिति को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन और अंतरराष्ट्रीय नियम आधारित व्यवस्था पर उसकी चिंता को भी उजागर करता है।
वहीं रूस और चीन के बीच बढ़ती निकटता को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। दोनों देशों की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दुनिया कई क्षेत्रीय संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है। कुल मिलाकर, शी जिनपिंग की यह चेतावनी वैश्विक समुदाय के लिए एक गंभीर संदेश के रूप में देखी जा रही है, जिसमें युद्ध को रोकने और संवाद के जरिए समाधान खोजने पर जोर दिया गया है।

