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खाड़ी में थमेगा तनाव? ईरान ने 7 दिनों में होर्मुज खोलने की रखी शर्त, जानिए क्या ट्रंप प्रशासन मानेगा तेहरान की डील

खाड़ी में थमेगा तनाव? ईरान ने 7 दिनों में होर्मुज खोलने की रखी शर्त, जानिए क्या ट्रंप प्रशासन मानेगा तेहरान की डील

पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच कूटनीतिक बातचीत को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने आया है। ईरान ने अमेरिका के सामने 7 दिनों का रोडमैप रखा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, कुछ शर्तें पूरी होने पर तेहरान सातवें दिन के अंत तक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और अमेरिका के साथ व्यापक बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर तेल की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

क्या है ईरान का 7 दिन वाला प्लान?

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अब्बास अराघची ने बताया कि ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक अपना प्रस्ताव पहुंचाया है। उनके अनुसार, अगर तय शर्तें पूरी होती हैं तो प्रस्ताव लागू होने के अगले दिन से सात दिनों की समयसीमा शुरू होगी और सातवें दिन के अंत में होर्मुज जलडमरूमध्य खोला जा सकता है। इसके साथ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू करने की बात कही गई है।

ईरान का कहना है कि नया प्रस्ताव जून में दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन की कुछ प्रतिबद्धताओं पर आधारित है, लेकिन इस बार इसे तेजी से लागू करने की कोशिश की जा रही है।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्ताव में संघर्ष को रोकने, ईरान पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करने और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने जैसी शर्तें शामिल हैं। इसके बाद सातवें दिन होर्मुज खोलने और आगे व्यापक बातचीत शुरू करने का प्रस्ताव है।

हालांकि, अराघची ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सात दिन की प्रक्रिया के दौरान परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सभी मुद्दों को किस तरह शामिल किया जाएगा। ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से अमेरिका और तेहरान के बीच बातचीत का प्रमुख विवादित मुद्दा बना हुआ है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन मध्यस्थों के जरिए ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। एक व्हाइट हाउस अधिकारी ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक है, लेकिन अमेरिका किसी समझौते के लिए जल्दबाजी में नहीं है। अधिकारी ने होर्मुज को लेकर अमेरिका की मजबूत स्थिति का भी उल्लेख किया।

यानी ईरान की तरफ से 7 दिन का प्रस्ताव सामने आने के बावजूद अभी यह तय नहीं है कि अमेरिका इन शर्तों को स्वीकार करेगा या नहीं।

ईरानी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी बातचीत के रास्ते को लेकर संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि ईरान युद्ध को जारी रखना नहीं चाहता और संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका को भी फैसला लेना होगा। ईरानी पक्ष जून में हुए समझौते को आगे बढ़ाने की इच्छा जता रहा है, जबकि दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर मतभेद अभी कायम हैं।

ट्रंप का रुख क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के बयानों में एक तरफ ईरान पर कड़ा दबाव बनाए रखने की बात कही है, तो दूसरी तरफ समझौते की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का एक बड़ा सवाल यह है कि किसी नए समझौते में युद्ध, प्रतिबंध, होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों को किस तरह शामिल किया जाएगा।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल ईरान का प्रस्ताव अमेरिका के जवाब पर निर्भर है। अगर वॉशिंगटन प्रस्ताव की शर्तों पर सहमत होता है, तो ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ सकती है।

हालांकि, अभी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच शर्तों और उनके क्रियान्वयन को लेकर बातचीत जारी है।

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