कौन है खालिद शेख मोहम्मद? 9/11 हमले का मास्टरमाइंड, 20 साल बाद भी खत्म नहीं हुआ मामला
11 सितंबर 2001 का वो दिन आज भी दुनिया के इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में गिना जाता है। आतंकवादियों ने अमेरिका में चार यात्री विमानों को हाईजैक किया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकराया गया, जबकि एक विमान अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन से जा टकराया। इस हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया था।
हमले के पीछे अल-कायदा का हाथ सामने आया और अमेरिका ने इसके जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की तलाश भी लंबे समय तक जारी रही और आखिरकार 2011 में पाकिस्तान में अमेरिकी अभियान के दौरान उसे मार गिराया गया। हालांकि, 9/11 मामले की कानूनी प्रक्रिया आज भी पूरी नहीं हुई है।
20 साल बाद तय हुई ट्रायल की तारीख
अब 9/11 हमलों के कथित मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद और उसके तीन सह-आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की तारीख तय कर दी गई है। अमेरिकी एयरफोर्स के लेफ्टिनेंट कर्नल माइकल श्रमा के आदेश के मुताबिक, इन चारों पर 5 जून 2028 से ग्वांतानामो बे में मिलिट्री ट्रिब्यूनल के सामने मुकदमा शुरू होगा।
मामला लंबे समय से कानूनी पेचीदगियों में फंसा हुआ था। आरोपियों की हिरासत, मुकदमे की प्रक्रिया और संभावित सजा को लेकर लगातार कानूनी लड़ाई चलती रही, जिसके चलते 9/11 हमलों के इतने साल बाद भी ट्रायल शुरू नहीं हो सका।
प्ली डील को लेकर भी हुआ विवाद
मामले में पिछले साल एक बड़ा मोड़ तब आया था, जब अभियोजन पक्ष और आरोपियों के बीच कथित तौर पर प्ली डील को लेकर समझौते की कोशिश हुई। इस तरह के समझौते के तहत आरोपी अपराध स्वीकार कर सकते थे और बदले में मौत की सजा से बच सकते थे।
हालांकि, इस समझौते को लेकर अमेरिका में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। तत्कालीन रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने अगस्त में इस समझौते को रद्द कर दिया था। बाद में अदालतों में भी इस मुद्दे को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई चली।
हालिया अपीलीय फैसले के बाद अब मामले को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है और मिलिट्री ट्रायल की तारीख तय कर दी गई है।
चारों आरोपियों पर 5 जून 2028 से चलेगा मुकदमा
माइकल श्रमा के 11 पन्नों के आदेश के अनुसार, खालिद शेख मोहम्मद के साथ वलीद मुहम्मद सालेह मुबारक बिन 'अताश, मुस्तफ़ा अहमद एडम अल-हौसावी और अली अब्दुल अज़ीज़ अली के खिलाफ मुकदमा चलेगा।
कार्यवाही की शुरुआत सैन्य सदस्यों से बने एक पैनल के चयन के साथ होगी। यह पैनल मिलिट्री जस्टिस के नियमों के तहत जूरी की भूमिका निभाएगा। पैनल के गठन के बाद शुरुआती दलीलें और फिर अभियोजन पक्ष के सबूत पेश किए जाएंगे।
इसके बाद बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। मुकदमे के अंत में दोष या निर्दोष होने पर फैसला और उसके बाद सजा तय करने की प्रक्रिया होगी।
कौन है खालिद शेख मोहम्मद?
खालिद शेख मोहम्मद को 9/11 हमलों की साजिश का मुख्य आरोपी माना जाता है। वह लंबे समय से अमेरिका के ग्वांतानामो बे डिटेंशन सेंटर में कैद है।
उसे मार्च 2003 में पाकिस्तान में पकड़ा गया था। गिरफ्तारी से पहले वह ओसामा बिन लादेन और अल-कायदा नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद उसे कुछ समय तक CIA की गुप्त हिरासत में रखा गया और बाद में 2006 में ग्वांतानामो बे ले जाया गया।
खालिद शेख मोहम्मद का जन्म कुवैत में हुआ था। उसके माता-पिता पाकिस्तान के बलूचिस्तान से कुवैत जाकर बसे थे। उसने कुवैत में पढ़ाई की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गया।
1980 के दशक में उसने उत्तरी कैरोलिना में पढ़ाई की और 1986 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह अफगानिस्तान गया, जहां सोवियत कब्जे के खिलाफ चल रहे संघर्ष के दौरान उसने प्रशिक्षण लिया।
अब 9/11 हमलों के करीब तीन दशक बाद और घटना के 27 साल बाद तय ट्रायल की तारीख पर पूरी दुनिया की नजर होगी। इस मामले की कानूनी प्रक्रिया अमेरिकी इतिहास के सबसे लंबे और चर्चित आतंकवाद संबंधी मुकदमों में से एक बन चुकी है।

