वीडियो में देखें इजराइल-ईरान जंग के बीच पीएम मोदी ने वैश्विक नेताओं से सुरक्षा पर की बातचीत
पश्चिम एशिया में इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव भारत के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक नेताओं से फोन पर बातचीत कर भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा की है।
प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत:
पीएम मोदी ने बहरीन के किंग और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से फोन पर बात की थी, जिसमें उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है और भारतीय नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से भी बातचीत की और कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है, साथ ही उन्होंने हिंसा को जल्द खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया।
दिल्ली की प्रतिक्रिया और तैयारियाँ:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की उच्चस्तरीय बैठक भी हुई, जिसमें भारतीयों की सहायता और खाड़ी देशों में स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया।
ओमान की खाड़ी में हमला और भारतीय नाविक की मौत
ओमान की खाड़ी में सोमवार को एक तेल टैंकर पर बम से लैस ड्रोन बोट के हमले की खबर आई, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। यह घटना इस क्षेत्र में अस्थिरता की गंभीरता को दर्शाती है और समुद्री सुरक्षा पर चिंताएँ बढ़ा रही है। (यह घटना मूल टेक्स्ट पर आधारित)
भारत में उड़ानों और नागरिकों पर असर
इज़राइल‑ईरान तनाव के कारण दिल्ली, मुंबई समेत प्रमुख हवाई अड्डों से सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को हवाई अड्डों पर फंसे होने की खबरें भी मिल रही हैं, और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण विमानन सेवाओं में व्यापक व्यवधान आया है।
एयर इंडिया, IndiGo और अन्य एयरलाइन्स ने भी उड़ान रद्द करने और यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है, ताकि सुरक्षा जोखिमों से निपटा जा सके।
राजस्थान से फंसे श्रद्धालु और यात्रा पर असर
राजस्थान के जोधपुर से गए लगभग 120 श्रद्धालु दुबई में फंसे हुए हैं क्योंकि मध्य पूर्व तनाव के कारण यात्रा बाधित हो चुकी है। होली के अवसर पर संतों ने होली गीतों से उनका मनोबल बढ़ाया, और वीडियो कॉल के जरिए स्थानीय धर्मगुरु भी उनसे जुड़े।
भारत पर व्यापक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष का असर भारत पर सिर्फ वैश्विक कूटनीति तक ही सीमित नहीं है। तेल आपूर्ति, उड़ानों का संचालन, आर्थिक गतिविधियाँ और हजारों भारतीयों की सुरक्षा जैसे बड़े मुद्दे भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।

