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वीडियो! ईरान पर ट्रम्प का बड़ा बयान, “ओबामा जैसी डील नहीं, या तो मजबूत समझौता होगा या कुछ भी नहीं”

वीडियो! ईरान पर ट्रम्प का बड़ा बयान, “ओबामा जैसी डील नहीं, या तो मजबूत समझौता होगा या कुछ भी नहीं”

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को दिए गए अपने बयान में ट्रम्प ने साफ कहा कि वह ईरान के साथ पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama की तरह कोई कमजोर परमाणु समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल ऐसा समझौता करेगी जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के हित में हो, अन्यथा कोई समझौता नहीं किया जाएगा।ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उन नेताओं और विशेषज्ञों पर भी निशाना साधा, जो ईरान के साथ संभावित समझौते की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग बिना पूरी जानका के ही समझौते को गलत ठहरा रहे हैं। ट्रम्प ने ऐसे आलोचकों को “कमजोर” बताते हुए कहा कि वे सिर्फ देश को बांटने का काम कर रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में 2015 में हुए परमाणु समझौते को भी आड़े हाथों लिया। गौरतलब है कि ओबामा प्रशासन के दौरान अमेरिका समेत कई विश्व शक्तियों ने ईरान के साथ एक परमाणु समझौता किया था। इस समझौते का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाना और बदले में उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देना था।हालांकि ट्रम्प लंबे समय से इस समझौते के विरोधी रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर इसे “आपदा” करार देते हुए कहा कि उस डील ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने का रास्ता खोल दिया था। ट्रम्प का दावा है कि ओबामा प्रशासन की नीतियों के कारण ईरान पहले से ज्यादा मजबूत हुआ और उसने क्षेत्रीय स्तर पर अपनी गतिविधियों को बढ़ावा दिया।

ट्रम्प ने कहा कि यदि उनकी सरकार ईरान के साथ कोई समझौता करती है, तो वह पूरी तरह अलग और बेहद सख्त शर्तों वाला होगा। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। ट्रम्प के इस बयान को मध्य-पूर्व की राजनीति और आगामी अमेरिकी चुनावों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प का यह रुख उनके समर्थकों को मजबूत संदेश देने की कोशिश है। रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता पहले से ही ओबामा की विदेश नीति की आलोचना करते रहे हैं और ट्रम्प लगातार खुद को एक सख्त नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में लगातार खटास रही है। ऐसे में ट्रम्प का यह नया बयान आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका और ईरान के बीच भविष्य में किसी नए समझौते की संभावना बनती है या दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ता है।

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