अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, वीडियो में जाने अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने दागीं मिसाइलें और ड्रोन; ट्रंप बोले- समझौते की जरूरत नहीं
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच करीब एक महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद दोबारा बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू हो गई है। अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर ताजा हमलों की एक बड़ी लहर चलाने की पुष्टि की है। इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों और अमेरिकी सहयोगी देशों से जुड़े सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिकी सेना की ताजा कार्रवाई में ईरान के दक्षिणी हिस्सों और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया। हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार प्रतिष्ठान, समुद्री ठिकाने, बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल थे। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और व्यावसायिक जहाजों के लिए बढ़ते खतरे के जवाब में की गई।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान की ओर से दावा किया गया कि उसने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है। हालांकि, ईरान की ओर से किए गए कुछ हमलों और उनके नुकसान से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका ने भी अब तक अपने सैनिकों के बड़े पैमाने पर हताहत होने की पुष्टि नहीं की है।
जॉर्डन ने बताया कि ईरान की ओर से 13 बैलिस्टिक मिसाइलें उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं। जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने इनमें से अधिकांश मिसाइलों को रोक दिया। अधिकारियों के अनुसार कुछ मिसाइलें दूरदराज के इलाकों में गिरीं, लेकिन बड़े पैमाने पर जनहानि की खबर नहीं है। वहीं बहरीन में भी ईरानी ड्रोन हमलों के बीच एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया गया।कुवैत में भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की सूचना सामने आई। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि देश के हवाई क्षेत्र में संदिग्ध मिसाइलों और ड्रोन की गतिविधियां देखी गईं और एयर डिफेंस सिस्टम ने जवाबी कार्रवाई की। क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने ईरान के संभावित निशाने पर बने हुए हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने आगे जवाबी कार्रवाई की तो अमेरिका और अधिक कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव से पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। सबसे बड़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट को लेकर है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां सैन्य गतिविधियां बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

