US Midterm Election: अमेरिकी संसद में 5 भारतवंशियों की जीत, विवेक रामास्वामी गवर्नर का चुनाव हारे
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के 5 भारतवंशी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। वहीं, अमीश शाह भी अपनी सीट पर आगे चल रहे हैं। इससे पहले 2024 के चुनाव में 6 भारतीय मूल के नेता अमेरिकी संसद के लिए चुने गए थे।
जीतने वाले नेताओं में एमी बेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, सुहास सुब्रमण्यम और पिया दांडिया शामिल हैं। हालांकि, इस बार सीनेट के चुनाव में भारतीय मूल का कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं था।
लगातार आठवीं बार जीते एमी बेरा और छठी बार रो खन्ना
कैलिफोर्निया के तीसरे संसदीय क्षेत्र से एमी बेरा ने लगातार आठवीं बार जीत दर्ज की। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर को 23 हजार से अधिक वोटों से हराया। पेशे से डॉक्टर बेरा पहली बार 2013 में अमेरिकी संसद पहुंचे थे।
वहीं, कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय क्षेत्र से रो खन्ना लगातार छठी बार सांसद चुने गए। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन को 42 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। टंडन इससे पहले भी दो बार उनके खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।
प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम को भी बड़ी जीत
वॉशिंगटन के सातवें संसदीय क्षेत्र से प्रमिला जयपाल ने लगातार छठी बार जीत हासिल की। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव शेठ को 1.52 लाख से अधिक वोटों से हराया। चेन्नई में जन्मी प्रमिला अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाली पहली भारतीय मूल की महिला हैं।
वर्जीनिया के 10वें संसदीय क्षेत्र से सुहास सुब्रमण्यम दूसरी बार सांसद चुने गए। उन्हें 61.5% से अधिक वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी डेव बेकविथ को 36.4% वोट मिले। पेशे से वकील सुहास ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी एडवाइजर के रूप में काम किया था।
पिया दांडिया पहली बार पहुंचीं अमेरिकी संसद
फ्लोरिडा के 22वें संसदीय क्षेत्र से पिया दांडिया ने पहली बार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीता। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया। पिया को 51.9% और अस्कर को 48.1% वोट मिले। 39 वर्षीय पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका गए थे। राजनीति में आने से पहले वह टीचर थीं।
ट्रम्प और जेडी वेंस का समर्थन भी नहीं आया काम
भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को ओहायो के गवर्नर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें दो लाख से अधिक वोटों से हराया। खास बात यह रही कि रामास्वामी के समर्थन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी प्रचार किया था।
रामास्वामी ने 2024 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पेश की थी, लेकिन बाद में अपना नाम वापस लेकर ट्रम्प का समर्थन कर दिया था।
राज्यों की राजनीति में भी भारतवंशियों का प्रदर्शन
अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में भी भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। अरुणा मिलर दोबारा मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी गई हैं। उन्होंने डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के साथ मिलकर रिपब्लिकन उम्मीदवार डैन कॉक्स को हराया।
इसके अलावा टेक्सास से पूजा सेठी, पेंसिल्वेनिया से अरविंद वेंकट और जॉर्जिया से ज्योत सिंह ने स्टेट असेंबली का चुनाव जीता। इलिनॉय में राम विल्लीवलम और नबीला सैयद राज्य सीनेट के लिए दोबारा चुने गए। ज्योत सिंह जॉर्जिया की जनरल असेंबली में पहुंचने वाले पहले भारतीय मूल के अमेरिकी और पहले सिख अमेरिकी बने।
लॉस एंजिलिस के मेयर चुनाव में भारतीय मूल की नित्या रमन भी शुरुआती रुझानों में मौजूदा मेयर करेन बैस से आगे चल रही हैं।
हालांकि, सभी भारतवंशी उम्मीदवारों को सफलता नहीं मिली। न्यूयॉर्क में सरिता कोमतिरड्डी, नॉर्थ कैरोलाइना में महेश गनोरकर, ओहायो में संदीप दीक्षित और मिशिगन में अनिल कुमार को हार का सामना करना पड़ा।

