Samachar Nama
×

US-Iran Tension: ट्रम्प की ईरान को चेतावनी, बोले- बातचीत किससे करें? ड्रोन गिराने के दावे से बढ़ा तनाव

US-Iran Tension: ट्रम्प की ईरान को चेतावनी, बोले- बातचीत किससे करें? ड्रोन गिराने के दावे से बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि बातचीत के लिए किससे संपर्क किया जाए। वहीं, ईरान ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। इन घटनाक्रमों के बीच दोनों देशों के बीच फिर सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

ट्रम्प बोले- ईरान में बातचीत करने वाला कोई नहीं बचा

एक रैली के दौरान ट्रम्प ने ईरान के नेतृत्व को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के शुरुआती हफ्तों में अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेता मारे गए। इनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल थे।

इससे पहले शनिवार को ट्रम्प ने ईरान पर संभावित हमले को लेकर भी बयान दिया था। उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका रविवार को हमला करेगा। इस पर उन्होंने कहा कि वह पहले से ऐसी जानकारी साझा नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने यह संभावना भी जताई कि दोनों देशों के बीच कोई बड़ा समझौता हो सकता है।

अमेरिकी सेना की कार्रवाई पर ट्रम्प का बड़ा दावा

ट्रम्प ने अमेरिकी सेना और नौसेना की तारीफ करते हुए दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में ईरान को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के लड़ाकू विमान तबाह कर दिए गए हैं और 259 जहाज समुद्र में डुबो दिए गए हैं।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। युद्ध के दौरान दोनों पक्षों की ओर से सैन्य नुकसान को लेकर किए गए दावों की वास्तविक स्थिति आधिकारिक और स्वतंत्र स्रोतों से ही स्पष्ट हो सकती है।

मिडटर्म चुनाव के बाद हमले की चर्चा

ट्रम्प पहले भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की समयसीमा को लेकर अलग-अलग बयान दे चुके हैं। खबरों के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा।

अमेरिका में इन चुनावों के जरिए तय होता है कि संसद के दोनों सदनों में किस राजनीतिक दल का नियंत्रण रहेगा। द न्यूयॉर्क टाइम्स की 21 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी और इजराइली सेनाओं ने मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा हमले की योजना बनाई है। इस रिपोर्ट में किए गए दावों की पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

ईरान ने अमेरिकी ड्रोन गिराने का किया दावा

ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह अमेरिका की सेना के लिए बनाया गया LUCAS हमलावर ड्रोन था।

इस दावे पर अमेरिका की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आने की बात कही गई है। ऐसे में ड्रोन की पहचान और उसे गिराए जाने की घटना की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की आशंका

अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को आशंका है कि ईरान मध्य पूर्व और अमेरिका में मौजूद अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी खुफिया विभाग की निदेशक जे क्लेटन ने 23 अक्टूबर को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे एक मेमो में ऐसी आशंकाओं का उल्लेख किया था।

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण किसी छोटी घटना से भी बड़ा सैन्य टकराव पैदा हो सकता है। अमेरिका को आशंका है कि ईरान अमेरिकी राजनयिकों और अन्य अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है।

ईरान की यूनिट 840 पर भी उठे सवाल

रिपोर्ट में ईरान की यूनिट 840 का भी जिक्र किया गया है। इस इकाई पर अलग-अलग देशों में अपहरण और हत्या की कोशिशों से जुड़े आरोप लगते रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों की आशंकाओं के मुताबिक, कथित साजिशों में शामिल कुछ लोग अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले गिरफ्तार भी किए गए हैं।

हालांकि, इन आरोपों और खुफिया आकलनों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना जरूरी है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच किसी भी नई सैन्य कार्रवाई या हमले के दावे से क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी, सैन्य कार्रवाई से जुड़े दावे और संभावित हमलों की आशंकाएं तनाव को बढ़ा रही हैं। आगे स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह दोनों देशों के अगले कदमों और बातचीत की संभावनाओं पर निर्भर करेगा।

Share this story

Tags